निठारी कांड को लेकर एक बार फिर देशभर में हलचल मच गई है। इस बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शव शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में उसकी चाय की दुकान में मिला। निठारी कांड सुरेंद्र कोली शव मामले ने एक बार फिर उस पुराने कांड की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने कभी पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
नाम बदलकर रह रहा था हरिद्वार में
पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से पहचान बदलकर हरिद्वार में रह रहा था और भूपतवाला इलाके में एक छोटी सी चाय की दुकान चला रहा था। स्थानीय लोगों को शुरू में उसकी असली पहचान की भनक तक नहीं थी। निठारी कांड सुरेंद्र कोली शव मिलने के बाद ही उसकी पहचान उजागर हुई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।
शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका
शुरुआती जानकारी के अनुसार सुरेंद्र कोली का शव उसकी दुकान में फंदे से लटका मिला, जिसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी पूरी तरह जांच में जुटी है और मौत के पीछे की असल वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत पड़ताल की जा रही है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
क्या था निठारी कांड
निठारी कांड 2006 में नोएडा के निठारी गांव में उस वक्त सामने आया था, जब एक घर के पीछे नाले से कई नर कंकाल बरामद हुए थे। इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जांच में सुरेंद्र कोली और उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर का नाम मुख्य आरोपियों के तौर पर सामने आया था। मामले में कई बच्चों और युवतियों की हत्या का आरोप लगा था।
13 मामलों में मिली थी मौत की सजा, फिर हुआ बरी
अदालत ने सुरेंद्र कोली को कुल 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई थी, जिससे यह देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाने लगा। हालांकि बाद में सबूतों की कमी के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे सभी मामलों में बरी कर दिया था। बरी होने के बाद से सुरेंद्र कोली सुर्खियों से दूर रहते हुए एक नई पहचान के साथ जीवन बिता रहा था।
पुलिस की जांच जारी
निठारी कांड सुरेंद्र कोली शव मामले में हरिद्वार पुलिस अब मौत के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने में जुटी है। स्थानीय स्तर पर इस खबर ने एक बार फिर निठारी कांड को चर्चा के केंद्र में ला दिया है और लोग आगे की जांच पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
ये भी पढ़ें…..