दूसरे चरण की हवाई सेवा बहाल
रुद्रप्रयाग जिले से यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है। केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा का दूसरा चरण मंगलवार से विधिवत शुरू हो गया है, जिससे धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। सुबह के समय जनपद में हल्की धूप के साथ बादल छाए रहे और मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना रहा।
पैदल मार्ग से हटाया जा रहा मलबा
केदारनाथ जाने वाले पैदल रास्ते पर चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की वजह से मार्ग बाधित हुआ था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को फिलहाल आंशिक रूप से रोका गया है। प्रशासन के अनुसार मलबा हटाने का काम तेज गति से चल रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर तक मार्ग पूरी तरह सुचारु हो जाएगा, जिसके बाद पैदल यात्रा भी फिर से सामान्य ढंग से शुरू की जा सकेगी।
बीते 24 घंटे में हुई बारिश का हाल
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बीते एक दिन में जखोली तहसील में सबसे ज्यादा 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊखीमठ क्षेत्र में यह आंकड़ा 10 मिलीमीटर रहा। वहीं रुद्रप्रयाग तहसील में बारिश दर्ज नहीं की गई। सुबह के समय जिले का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है नजर
प्रशासन क्षेत्र की प्रमुख नदियों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। सुबह आठ बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 624.18 मीटर रहा, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर तय है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 623.72 मीटर दर्ज हुआ, जो चेतावनी स्तर 625 मीटर और खतरे के निशान 626 मीटर से अब भी नीचे है। इसके अलावा गंगानगर में नदी का स्तर 800.08 मीटर तथा गौरीकुंड में 1973.70 मीटर मापा गया।
हाईवे खुले, कुछ छोटे मार्ग अब भी प्रभावित
फिलहाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग यातायात के लिए खुले हुए हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग के तीन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पांच और एनपीसीसी का एक मार्ग अब भी बाधित बना हुआ है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और उच्चतम स्तर की तैयारी बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए क्या रहेगा फायदेमंद
केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा के दोबारा शुरू होने से उन यात्रियों को खासा फायदा मिलेगा, जो पैदल मार्ग बाधित होने की वजह से यात्रा टालने पर मजबूर थे। प्रशासन की कोशिश है कि पैदल मार्ग को भी जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही बिना किसी रुकावट के चलती रहे।
ये भी पढ़ें……