आकाश आनंद की हाथरस रैली के बाद अब मायावती का प्रेस कॉन्फ्रेंस से वार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही अभी बाकी हो, लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने अपनी सियासी गतिविधियों को तेज कर दिया है। हाथरस के सादाबाद में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की बड़ी रैली के अगले ही दिन बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों पर सीधा हमला बोला।
आरक्षण को कमजोर करने की साजिश का आरोप
मायावती ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्गों को मिलने वाला आरक्षण लगातार कमजोर किया जा रहा है, और इसके पीछे संघ से जुड़े लोगों की भूमिका है। उन्होंने कहा कि पब्लिक सेक्टर को सिकोड़कर प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका सीधा नुकसान गरीब और बेरोजगार तबके को हो रहा है, जबकि बड़े पूंजीपति लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा निजी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है, बल्कि वहां भी सरकारी नौकरियों की तरह आरक्षण लागू होना चाहिए।
‘दलितों को फिर गुलाम बनाने की कोशिश’
बसपा प्रमुख ने और तीखे शब्दों में कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की मिलीभगत से दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को दोबारा कमजोर और लाचार बनाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इन वर्गों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें बसपा के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
BJP-कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप
मायावती ने संसद में लगातार हो रहे हंगामे का जिक्र करते हुए दावा किया कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों जरूरी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों में अपनी सरकारों की खामियों को छुपाने के लिए दोनों दलों के बीच किसी न किसी स्तर पर समझौता या रणनीतिक चुप्पी हो सकती है।
Gen-Z और छात्रों के मुद्दे पर सरकार पर सवाल
मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पेपर लीक और बेरोजगारी विरोधी छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि Gen-Z और युवा पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने छात्र आंदोलन को हाईजैक कर लिया है, जिसकी वजह से संसद की कार्यवाही भी बाधित हो रही है।
युवाओं से की राजनीतिक चालों से सतर्क रहने की अपील
बसपा प्रमुख ने देशभर के छात्रों और नौजवानों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जरूर आंदोलन करें, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के हाथों मोहरा बनने से बचें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बसपा हमेशा युवाओं और उनके अभिभावकों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हक की लड़ाई लड़ती रहेगी।