By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • Haryana
  • Delhi News
  • Bihar
Search
Technology
  • Advertise with us
  • Newsletters
  • Deal
Health
  • Advertise
Entertainment
  • Advertise
© 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Reading: नेपाल के लिए नया खतरा! ल्हेंडे नदी पर बनी झील कभी भी टूट सकती है, चीन ने दी वॉर्निंग
Share
Aa
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
Aa
Search
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • Haryana
  • Delhi News
  • Bihar
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2023 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi > Blog > International > नेपाल के लिए नया खतरा! ल्हेंडे नदी पर बनी झील कभी भी टूट सकती है, चीन ने दी वॉर्निंग
International

नेपाल के लिए नया खतरा! ल्हेंडे नदी पर बनी झील कभी भी टूट सकती है, चीन ने दी वॉर्निंग

Editorial Team
Last updated: 2026/08/29 at 11:58 AM
Editorial Team
Share
5 Min Read
नेपाल बाढ़
नेपाल के लिए नया खतरा! ल्हेंडे नदी पर बनी झील कभी भी टूट सकती है, चीन ने दी वॉर्निंग
SHARE

नेपाल अभी बीते हफ्ते आई भीषण बाढ़ की तबाही से उबर भी नहीं पाया है कि एक नया संकट खड़ा हो गया है। चीन ने नेपाल को आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी है कि ल्हेंडे नदी तंत्र के ऊपरी हिस्से में बनी एक अस्थाई झील किसी भी समय टूट सकती है। झील के पानी का रंग लगातार गहरा हो रहा है, जिसे खतरे की बड़ी निशानी माना जा रहा है।

Contents
कैसे बनी यह खतरनाक झील?चीन ने क्यों जताई चिंता?झील टूटने पर कितना बड़ा हो सकता है खतरा?पहले से तबाह नेपाल के लिए नई चुनौतीआगे क्या करना होगा?

कैसे बनी यह खतरनाक झील?

यह झील कोई पुरानी प्राकृतिक झील नहीं है, बल्कि हाल ही में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद अचानक अस्तित्व में आई है। नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में आई तबाही के दौरान एक ग्लेशियर टूट गया था, जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे की ओर बहकर आया। इस मलबे ने नदी के प्राकृतिक बहाव को रोक दिया और वहां एक अस्थाई प्राकृतिक बांध बन गया। इसी बांध के पीछे धीरे-धीरे पानी जमा होता गया और एक बड़ी झील तैयार हो गई।

यह झील चीन की तरफ बहने वाली चोचेन नदी और नेपाल की तरफ की पुरेपु नदी के संगम के पास स्थित है, यानी इसका असर सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं, बल्कि सीमा के दोनों तरफ महसूस किया जा सकता है।

चीन ने क्यों जताई चिंता?

चीन के जल संसाधन मंत्रालय की निगरानी में यह बात सामने आई कि झील में पानी लगातार बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, एक निश्चित दिन तक इस झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। इतनी बड़ी मात्रा में पानी जमा होना और झील के पानी के रंग का लगातार गहरा होना, दोनों ही संकेत इस बात के हैं कि प्राकृतिक बांध पर दबाव बढ़ रहा है और वह कभी भी टूट सकता है।

इस खतरे को भांपते हुए चीन ने नेपाल के विदेश मंत्रालय के साथ यह जानकारी साझा की है। साथ ही चीन ने अपने यहां झील के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

झील टूटने पर कितना बड़ा हो सकता है खतरा?

चीन ने इस खतरे का आकलन करने के लिए एक विस्तृत बाढ़ मॉडल भी तैयार किया है, ताकि यह समझा जा सके कि अगर यह अस्थाई बांध टूटता है तो इसका असर कितना गंभीर होगा। इस मॉडल के मुताबिक:

  • झील टूटने की स्थिति में नदी तंत्र में पानी का बहाव अधिकतम 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकता है
  • चीन के आकलन के अनुसार, भले ही बांध का कोई हिस्सा टूट जाए, फिर भी ज्यादातर पानी नदी के किनारों के भीतर ही रहने की संभावना है
  • यानी अचानक जलस्तर बढ़ सकता है, लेकिन बड़े पैमाने पर पानी नदी के बाहर फैलने का खतरा फिलहाल कम आंका गया है

गौरतलब है कि झील का कुछ पानी पहले ही ल्हेंडे खोला और त्रिशूली नदियों में बहना शुरू हो चुका है, जिसे फिलहाल प्रबंधनीय स्थिति माना गया है।

पहले से तबाह नेपाल के लिए नई चुनौती

नेपाल में आई हालिया भीषण बाढ़ पहले ही भारी तबाही मचा चुकी है। इस आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत क्षेत्र में भी सात लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। हजारों लोग बेघर हुए हैं और बचाव अभियान अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।

ऐसे नाजुक समय में ल्हेंडे नदी पर बनी यह नई झील प्रशासन के लिए एक अतिरिक्त सिरदर्दी बन गई है। अगर यह प्राकृतिक बांध टूटता है, तो पहले से बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में एक बार फिर संकट खड़ा हो सकता है, जिससे राहत और बचाव कार्य में और मुश्किलें आ सकती हैं।

आगे क्या करना होगा?

विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी हिमनद-जनित झीलें (Glacial Lake Outburst Flood या GLOF की स्थिति) हिमालयी क्षेत्र में अक्सर देखी जाती हैं, खासकर बड़े भूस्खलन या फ्लैश फ्लड की घटनाओं के बाद। चीन और नेपाल, दोनों देशों की एजेंसियां फिलहाल सैटेलाइट और ड्रोन के जरिए झील पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते लोगों को सचेत किया जा सके।

नेपाल सरकार के लिए फिलहाल दोहरी चुनौती है — एक तरफ पहले से चली आ रही बाढ़ की तबाही से निपटना, और दूसरी तरफ इस नई झील से जुड़े खतरे पर नजर रखना।

 

You Might Also Like

ट्रंप का IMEC समर्थन: ईरान को घेरने का प्लान, बोले- ऊर्जा सप्लाई को दूर ले जाना जरूरी

पाकिस्तान: दिनदहाड़े PTI मंत्री फजल शकूर खान का अपहरण, नकाबपोश बदमाश AK-47 के साथ आए

कतर से हमास तक फंडिंग के दावे पर घिरे नेतन्याहू, रिपोर्ट के बाद इजरायल में सियासी बहस तेज

ईरान में इजरायल के लिए जासूसी के दोषी को फांसी, मिसाइल ठिकानों की जानकारी देने का आरोप

AI की गलत रिपोर्ट से टल गया अमेरिका-चीन टकराव, चीनी जहाज पर कार्रवाई की थी तैयारी

TAGGED: China Warning Nepal, Glacial Lake Outburst Flood, GLOF Nepal, Lhende River, Nepal Flash Flood, Nepal Flood, Trishuli River
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Copy Link Print
Share
By Editorial Team
TV7 Bharat की Editorial Team का उद्देश्य पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय, निष्पक्ष और समय पर समाचार पहुंचाना है। हमारी टीम रिपोर्टरों और संवाददाताओं से प्राप्त जानकारी की समीक्षा कर तथ्यों के आधार पर समाचार तैयार करती है। हम समाचार प्रकाशित करते समय आधिकारिक जानकारी, संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध तथ्यों को प्राथमिकता देते हैं। किसी तथ्यात्मक त्रुटि की जानकारी मिलने पर टीम उसकी समीक्षा कर आवश्यक सुधार या अपडेट करती है।
Previous Article नेपाल बाढ़ नेपाल बाढ़: विदेशी मदद से इनकार करने वाला नेपाल अब झुका, भारत-चीन से मांगी मदद, दिल्ली ने फौरन भेजी राहत सामग्री
Next Article Janmashtami 2026 Janmashtami 2026: कब है जन्माष्टमी? नोट कर लें सही तारीख, निशीथ पूजा मुहूर्त और पूरी पूजा विधि

Social Media Platform

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • YouTube

Latest News

पुष्पा तिवारी भाजपा महिला मोर्चा कानपुर प्रदर्शन
कानपुर में बीजेपी महिला मोर्चा का कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन, राहुल गांधी पर साधा निशाना
Politics 12/10/2026
बदायूं में प्रदर्शन करती भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता
बदायूं में भाजपा महिला मोर्चा का कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन, सांसद पर सख्त कार्रवाई की मांग
Politics 12/10/2026
नवजोत सिंह हत्याकांड के खुलासे की जानकारी देती रामपुर पुलिस
नवजोत सिंह हत्याकांड का खुलासा, न्यूजीलैंड से लौटे सौतेले बेटे समेत दो आरोपी गिरफ्तार
Crime 12/10/2026
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के कार्यक्रम में सम्मानित बालिकाएं
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग का कार्यक्रम, 22 बालिकाओं का हुआ सम्मान
Uttarakhand 12/10/2026

Stay Connected

61k Like
102 Follow
616 Follow
5.9k Subscribe

TV7 भारत एक प्रमुख हिंदी न्यूज़ सैटेलाइट चैनल है, जिसका प्रसारण नोएडा फिल्म सिटी से होता है। चैनल का प्रमुख फोकस उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित हिंदी भाषी क्षेत्रों की खबरों पर है। TV7 भारत इन राज्यों में देखे जाने वाले प्रमुख हिंदी समाचार चैनलों में अपनी पहचान बना रहा है। चैनल का स्वामित्व यश मीडिया एंड ब्रॉडकास्ट प्राइवेट लिमिटेड (Yash Media & Broadcast Pvt. Ltd.) के पास है।

Quick Link

  • HOME
  • ABOUT US
  • CONTACT US
  • DISCLAIMER
  • PRIVACY POLICY
  • TERMS & CONDITIONS
  • Editorial Team

Top Categories

  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • Haryana
  • Delhi News
  • Bihar

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
    Follow US

    © 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Lost your password?