Ram Navami 2024: इस साल की रामनवमी हर सनातनी के लिए बेहद ख़ास। है हो भी क्यों न, एक लम्बे संघर्ष और इंतज़ार के बाद रामलला जो अपने घर विराजे है। समझ तो आप गए ही होंगे की हम बात कर रहे हैं अयोध्या के राममंदिर की। अयोध्या में राममंदिर बना और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी पूर्ण हो गयी है। ऐसे में ये रामनवमी हर अयोध्यावासी और तमाम रामभक्तों के लिए काफी भावपूर्ण हैं। ऐसे में रामनवमी को धूम-धाम से मानाने की तैयारियां अपने अंतिम चरण में है। आइये ले चलते हैं आपको अयोध्या में चल रही भव्य तैयारियों की ओर।
रामलला की पहली रामनवमी की भव्य तैयारियां!
भारत के लिए 2024 जनवरी में अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ एक शुभ शुरुआत हुई। जब से मंदिर को आम जनता के लिए खोला गया है, तब से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। रामलला के दर्शन के लिए भक्त देश के हर कोने से आ रहे हैं। ऐसे में जब दशकों से जिस क्षण का इंतज़ार किया गया हो उसके दर्शन भला कोई भक्त कैसे छोड़ दे। राम मंदिर में एक भव्य उत्सव का आयोजन होगा क्योंकि उद्घाटन के बाद यह पहली रामनवमी है।
नारदादि सनकादि मुनीसा।
दरसन लागि कोसलाधीसा।।
दिन प्रति सकल अजोध्या आवहिं।
देखि नगरु बिरागु बिसरावहिं।।
नारद आदि और सनक आदि मुनीश्वर सब कोसलराज श्री रामजी के दर्शन के लिए प्रतिदिन अयोध्या आते हैं और उस दिव्य नगर को देखकर वैराग्य भुला देते हैं।
Narada, Sanaka and other rishis… pic.twitter.com/pdOeTA9ov2
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) April 16, 2024
इस अवसर पर देवराहा हंस बाबा ट्रस्ट की ओर से 1,11,111 किलोग्राम लड्डू का प्रसाद भी मंदिर में भेजा जाएगा। चैत्र नवरात्रि से लेकर राम नवमी तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने राम लला की मूर्ति के लिए विशेष पोशाकें बनवाई हैं। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से यानी 9 अप्रैल से ही रामलला की मूर्ति को विशेष हाथ से बुने हुए और हाथ से काते गए खादी सूती कपड़े से बने वस्त्र पहनाये जा रहे हैं। इन वस्त्रों को असली चांदी और सोने के खादी हैंड ब्लॉक प्रिंट से सजाया गया है। वस्त्र की छपाई में उपयोग किए जाने वाले ब्लॉक प्रिंट वैष्णव चिन्ह से प्रेरित हैं। अब इन्हीं वस्त्रों को रामनवमी के दिन रामलला को पहनाये जायेंगें।

Ram Navami 2024 को लेकर उत्तर प्रदेश में जारी हाई अलर्ट!
उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनवमी समारोह के लिए बड़ी भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए अयोध्या और उसके आसपास सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं। जनवरी में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद यह इस तरह का पहला आयोजन है। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार शहर में भव्य तरीके से मनाया जाएगा और राज्य सरकार इसके लिए विस्तृत व्यवस्था करेगी। पुलिस ने त्योहार को सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास बढ़ा दिए हैं। पुलिस प्रसाशन ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगाने के लिए कई अधिकारियों को तैनात करने की योजना बनाई है।
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