गाजियाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 यानी NH-9 पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। माडल टाउन और सेक्टर-62 कट के आसपास बसों के कारण अक्सर यातायात प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यहां अस्थायी रूप से अलग बस लेन तैयार की गई है। इसका उद्देश्य बसों को मुख्य सड़क पर खड़े होने से रोकना और वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारू बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत बसों को मुख्य यातायात से अलग निर्धारित लेन में संचालित किया जाएगा। इससे सड़क के प्रमुख हिस्से पर बसों के रुकने से बनने वाली बाधा को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बसों के कारण प्रभावित होता था यातायात
माडल टाउन और सेक्टर-62 कट के पास बसों के रुकने के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता था। खासकर व्यस्त समय में बसों के कारण पीछे आने वाले वाहनों की गति प्रभावित होती थी और कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती थी।
अब बैरिकेडिंग के माध्यम से बसों के लिए अलग लेन बनाई गई है। यातायात पुलिस इस व्यवस्था की निगरानी करेगी, ताकि बसें निर्धारित हिस्से में ही रुकें और मुख्य मार्ग पर अनावश्यक बाधा न बने।
41 जगहों पर 870 CCTV कैमरों की निगरानी
गाजियाबाद में यातायात नियमों के पालन और सड़क व्यवस्था पर नजर रखने के लिए शहर के 41 प्रमुख स्थानों पर 870 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है।
यातायात पुलिस के अनुसार अब तक 10 लाख से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए इंटरसेप्टर वाहनों में लेजर आधारित गति मापने वाली आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ओवरस्पीडिंग पर भी कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलने वाले वाहनों की निगरानी की जा रही है। इंटरसेप्टर में लगी तकनीक से वाहन की गति मापी जाती है और सीमा से अधिक रफ्तार मिलने पर नियमों के अनुसार चालान किया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने के लिए प्रेरित करना है।
ट्रैफिक पुलिस को मिले 20 स्मार्ट बूथ
यातायात व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 20 स्मार्ट ट्रैफिक बूथ उपलब्ध कराए गए हैं। इन बूथों में बिजली और पंखे के साथ बैठने की व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मियों के लिए ठंडे और शुद्ध पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
स्मार्ट बूथों से गर्मी और खराब मौसम के दौरान ड्यूटी करने वाले यातायात पुलिसकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हादसों वाले क्षेत्रों की भी होगी निगरानी
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 10 थानों में विशेष सीसीटी टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों का काम दुर्घटना संभावित स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करना है।
टीमें सड़क की डिजाइन, पर्याप्त रोशनी, अवैध कट और यातायात संकेतकों जैसी व्यवस्थाओं की जांच कर कमियों की पहचान करेंगी। इसके आधार पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जरूरी सुधार कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस तरह गाजियाबाद में बसों के लिए अलग लेन, सीसीटीवी निगरानी, तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की जांच जैसी व्यवस्थाओं के जरिए यातायात को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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