उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से Supertech ग्रुप से जुड़े सैकड़ो खरीदारों को राहत की सांस मिलने वाली है । अपनी जिंदगी भर की पूरी कमाई से सैकड़ो खरीदारों ने सुपरटेक बिल्डर के तमाम अलग-अलग प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदे थे ,पर बिल्डर द्वारा प्राधिकरण का पैसा न दिए जाने पर प्राधिकरण द्वारा रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई । जिससे सैकड़ो खरीदारों को फ्लैट मिलने के बावजूद भी उनके फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से ना तो कोई भी बैंक होम लोन देना चाहता है और ना ही मार्केट में उक्त फ्लैट के रीसेल में उचित दाम मिल पा रहे हैं ।
Supertech अपकंट्री के 900 घर खरीदारों के लिए रजिस्ट्री का रास्ता साफ
सुपरटेक अपकंट्री के लगभग 900 खरीदारियों के लिए यमुना विकास प्राधिकरण ने एक नया रास्ता निकाला है प्राधिकरण बिल्डर के साथ एक संयुक्त अकाउंट खोलने का रास्ता निकाला है जिसमें फ्लैट खरीददार बिल्डर की बकाया धनराशि का भुगतान कर 15 दिनों में अपने फ्लैट की रजिस्ट्री करा सकते हैं ।
सुपरटेक ग्रुप पर यमुना प्राधिकरण का 383 करोड रुपए बकाया
सुपरटेक ग्रुप पर यमुना विकास प्राधिकरण का लगभग 383 करोड रुपए बकाया है जिसकी वजह से यमुना प्राधिकरण ने बिल्डर की तमाम प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री पर रोक लगा रखी है l प्राधिकरण की इस पहल से लगभग 900 लोगों को फायदा होगा उनको उनके आशियाने की रजिस्ट्री करने का मौका मिलेगा एवं उन तमाम किसानों को भी फायदा होगा जिनको उनकी जमीन का मुआवजा प्राधिकरण से अभी मिलना है।
यमुना प्राधिकरण की इस पहल से सुपरटेक के हजारों अन्य खरीदारों को मिली एक उम्मीद
उत्तर प्रदेश सरकार और यमुना प्राधिकरण कि इस पहल से सुपरटेक ग्रुप के अन्य तमाम प्रोजेक्ट के खरीदारों खासकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तमाम प्रोजेक्ट के खरीदारों को एक उम्मीद की किरण दिखी है । सुपरटेक ग्रुप के तमाम अन्य प्रोजेक्ट के खरीदारों खासकर सुपरटेक इको विलेज 1 ,इको विलेज 2,इको विलेज 3 के हजारों खरीदारों की निगाहें अब ग्रेटर नोएडा प्रकाश प्राधिकरण की ओर है कि वह भी ऐसा कोई रास्ता निकाले जिनसे उनके सपनों के आशियानों की रजिस्ट्री हो सके।
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