छात्रों की समस्या, बेरोजगारी और सिवान फायरिंग के विरोध में सड़क पर उतरा राजद, पुलिस ने कड़ी की सुरक्षा
बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) आज लोकभवन मार्च निकालने जा रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को जेपी गोलंबर पर इकट्ठा होने के लिए कहा गया है। यहीं से यह मार्च शुरू होगा।
किन मुद्दों पर हो रहा है प्रदर्शन?
राजद का यह मार्च तीन बड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है — छात्रों से जुड़ी समस्याएं, राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, और सिवान में हाल ही में AK-47 से हुई फायरिंग की घटना। इस फायरिंग कांड के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता मौके पर AK-47 का कटआउट लेकर पहुंचे हैं, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।
राजद की प्रमुख मांग है कि सिवान फायरिंग के समय वहां तैनात रहे एसपी पूरन कुमार झा को निलंबित किया जाए और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। हालांकि सरकार की ओर से पूरन कुमार झा का तबादला कर दिया गया है, लेकिन पार्टी उनके निलंबन की मांग पर अड़ी हुई है।
पटना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मार्च को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। डाक बंगला चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के साथ ही पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
पटना ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, पटना जंक्शन और पटना स्टेशन से डाकबंगला चौराहे की तरफ जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोकी गई है। इनकम टैक्स गोलंबर से मंदिरी नाला जाने वाले रास्ते पर भी डायवर्जन लागू रहेगा। इसके अलावा गांधी मैदान क्षेत्र में ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस ने आम लोगों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
पहले से ही चल रहा है छात्र आंदोलन
गौरतलब है कि पटना में छात्र पहले से ही आंदोलन की राह पर हैं। BPSC TRE-4 भर्ती को लेकर विज्ञापन जारी हो चुका है, लेकिन प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग के प्रावधान को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है। छात्र इस फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे माहौल में राजद का यह मार्च और भी अहम माना जा रहा है।
JDU का पलटवार, तिरंगे को लेकर उठाए सवाल
राजद के इस मार्च पर सत्तारूढ़ जेडीयू ने तीखा हमला बोला है। पार्टी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वे कहां थे, इसकी किसी को जानकारी नहीं है, और अब वे तिरंगे के साथ लोकभवन मार्च निकालने का ऐलान कर रहे हैं। जेडीयू ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तिरंगे के अपमान से जुड़े कानून की जानकारी तेजस्वी को होनी चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि चूंकि तेजस्वी इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं, इसलिए इससे जुड़ी हर जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।
आगे क्या होगा असर?
छात्र आंदोलन, बेरोजगारी और सिवान फायरिंग जैसे संवेदनशील मुद्दों के बीच राजद का यह मार्च बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बढ़ती तकरार से आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार हैं।