लोकसभा चुनाव 2024(Loksabha Elections 2024) का बिगुल बज चुका है। आगामी चुनावों को मद्देनज़र रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बीते शनिवार को 195 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा कर दी है। इस सूचि में कई ऐसे नाम देखने को मिले जिन्होंने काफी चौंकाया। जहां एक ओर भाजपा की लिस्ट में पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट पर भोजपुरी स्टार पवन सिंह का नाम देख सभी हैरान रह गए तो वही दूसरी ओर तेलंगाना की बहुचर्चित और राजधानी हैदराबाद(Hyderabad) की चुनावी सीट पर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। आपको बता दें की हैदराबाद से भाजपा ने पहली बार महिला उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा है और वो उम्मीदवार हैं माधवी लता (Madhavi Latha)। आइये बताते हैं आपको की कौन है माधवी लता और भाजपा उन्हें इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी कैसे सौंप रही है।
हैदराबाद की चुनावी सीट पर होगी कांटे की टक्कर!
हैदराबाद,AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी(Asaduddin Owaisi) का गढ़ माना जाता है। ये एक अभेद किला है जिसपर 4 दशकों से कोई भी विजय पताका नहीं लहरा सका है। दें की असदुद्दीन ओवैसी के पिता सुल्तान सलाउद्दीन ओवैसी पहली बार 1984 में इस सीट से सांसद बने थे। इसके बाद लगातार अपराजित सांसद रहें और फिर 2004 से लेकर आज तक असदुद्दीन ओवैसी ने अपने पिता की विरासत को बरक़रार रखा है। गौरतलब हो की पिछले चुनाव यानी 2019 में भाजपा ने डॉ. भगवंथ नाथ राव पर अपना दांव खेला था। हालाँकि तब उन्हें 2014 के चुनावों के नतीजों से अधिक वोट हासिल हुए थे और वे ओवैसी के सामने 2.02 लाख वोटों से हारे थे। इस बार भाजपा की तरफ से हैदराबाद सीट पर भाजपा की तरफ से पहली बार की महिला उम्मीदवार, माधवी लता को टिकट मिली है।

कौन हैं Madhavi Latha?
तीन तलाक की पैरोकार और हिंदुत्व की समर्थक माधवी लता, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी भूमिका के अलावा, सामाजिक सक्रियता और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी के लिए भी जानी जाती हैं। वह एक भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं और उनके पास कोटि महिला कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री है। सक्रिय राजनीति में पृष्ठभूमि न होने या राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद, माधवी लता सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रही हैं और उन्होंने पुराने शहर के लोगों से समर्थन हासिल किया है। शायद यही कारण है कि भाजपा ने उन्हें ओवैसी के खिलाफ मैदान में उतारा है, जो की एक बेहद ही मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। इस बार पहली बार किसी महिला उम्मीदवार पर भरोसा कर उन्हें ओवैसी के सामने खड़ा किया जा रहा है। हैदराबाद जो की ओवैसी का अभेद किला है, अब देखना ये होगा की भाजपा की ये रणनीति इस किले पर फ़तेह पाने में कितनी कामयाब रहती है।
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