पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण को लेकर सभी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है. पहले चरण के मतदान में जिस तरीके से बंपर वोटिंग हुई उसके बाद कई तरह की संभावनाएं जताई जा रही है. बंगाल के चुनावी इतिहास को उठाकर देखें तो… कहा जाता है कि, भारी मतदान बंगाल में हमेशा परिवर्तन लाता है. पहले चरण में वोटिंग प्रतिशत आने के बाद सियासी दलों ने अपनी अपनी तरफ से जीत के दावे किए.
बात करें बीजेपी की तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण के मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि बंगाल में प्रचंड बहुमत आ रहा है और अंग, बंग व कलिंग, तीनों क्षेत्रों में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. अमित शाह ने कहा कि मतदान प्रतिशत यह दिखाता है कि लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा और उत्साह बढ़ा है. उन्होंने पहले चरण के सभी मतदाताओं का धन्यवाद किया और दूसरे चरण के मतदाताओं से भी बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की. इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग, बंगाल पुलिस, सुरक्षा बलों और मतदान कर्मियों का भी आभार जताया.
अमित शाह की मानें तो लोगों ने बिना डर के रिकॉर्ड मतदान किया है और यह बदलाव के पक्ष में जनादेश है. उन्होंने कहा कि बंगाल में अब ‘भय से भरोसे’ की यात्रा जारी है और परिवर्तन तय है. अमित शाह ने कहा कि, उनके पास मौजूद फीडबैक के अनुसार, राज्य की जनता ने पहले चरण में ही अपना भविष्य तय कर दिया है. प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और पहले चरण की 152 सीटों में से पार्टी 110 से अधिक सीटें जीत रही है. 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए सियासी दलों ने चुनावी मैदान में अपना पूरा जोर लगा दिया है. अब सबकी निगाहें दूसरे चरण के मतदान पर टिकी हैं. यह देखने के लिए कि क्या मतदाता उसी उत्साह और भागीदारी को बरकरार रखेंगे या नहीं. खैर अब 4 मई को आने वाले नतीजे ही बतायेंगे कि मतदाताओं ने किसके पक्ष में मतदान किया.