समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रामराज की बात करने वालों पर निशाना साधते हुए राम मंदिर से जुड़े चंदे और ‘रामधन’ का मुद्दा उठाया। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी एक तरफ रामराज की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।
अखिलेश ने अपने बयान में जातीय जनगणना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की भागीदारी को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए और कहा कि आबादी के हिसाब से अधिकार मिलना जरूरी है।
‘रामराज की बात करने वालों ने रामधन लूटा’
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग रामराज की बात करते हैं, उन्होंने रामधन को लूट लिया। उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में एक बार फिर राम मंदिर और चंदे का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल धार्मिक मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने रोजगार, महंगाई और सामाजिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में रखने की बात कही।
जातीय जनगणना पर भी अखिलेश ने घेरा
अपने बयान में Akhilesh Yadav ने जातीय जनगणना को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग सामाजिक वर्गों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आना जरूरी है।
अखिलेश लंबे समय से जातीय जनगणना को सामाजिक न्याय से जोड़ते रहे हैं। उनका तर्क है कि जब तक अलग-अलग वर्गों की आबादी और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सही आंकड़ा सामने नहीं आएगा, तब तक योजनाओं और अधिकारों का सही वितरण सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी की मांग
सपा अध्यक्ष ने सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख दोहराते हुए कहा कि जिसकी जितनी संख्या है, उसे उसी अनुपात में भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकारी संस्थानों और व्यवस्था में पिछड़े, दलित और अन्य वंचित वर्गों की भागीदारी का सवाल उठाया।
अखिलेश का कहना है कि जातीय जनगणना से सामने आने वाले आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाई जा सकती हैं और सामाजिक हिस्सेदारी को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।
BJP की राजनीति पर लगातार हमलावर हैं अखिलेश
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग लगातार तेज है। अखिलेश यादव अलग-अलग मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।
राम मंदिर, जातीय जनगणना, रोजगार, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सपा लगातार बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं बीजेपी की ओर से भी समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसके पुराने शासन को लेकर जवाबी हमले किए जाते रहे हैं।
जातीय जनगणना बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
आने वाले समय में जातीय जनगणना का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है। विपक्षी दल इसे सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जोड़कर उठा रहे हैं।
Akhilesh Yadav के ताजा बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता से बनाए रखना चाहती है। राम मंदिर से जुड़े आरोपों के साथ जातीय जनगणना को जोड़कर अखिलेश ने बीजेपी की राजनीति पर एक साथ कई मोर्चों से हमला किया है।
अब देखना होगा कि बीजेपी इस बयान पर क्या जवाब देती है और यूपी की सियासत में यह मुद्दा आने वाले दिनों में किस तरह आगे बढ़ता है।