स्कूल से लौटते वक्त हुआ हादसा
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सावन के महीने में झूला झूलना दो मासूम बच्चों की जान पर भारी पड़ गया। जिले के मथेला गांव में एक प्राथमिक विद्यालय से छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चे नहर पुलिया के पास से गुजर रहे थे, जहां गांव के बच्चों ने नीम के पेड़ पर कपड़े का झूला बांध रखा था। गोविंद मौर्य की 4 साल की बेटी साक्षी और 10 साल का बेटा क्षितिज भी उत्सुकतावश झूले पर झूलने लगे। इसी दौरान चंदौली नहर हादसा तब पेश आया जब झूला अचानक अनियंत्रित हो गया और छोटी बच्ची साक्षी सीधे नहर के गहरे पानी में जा गिरी।
बहन को बचाने में डूबा भाई
बहन को डूबता देख बड़े भाई क्षितिज ने बिना कुछ सोचे-समझे उसे बचाने के लिए तुरंत नहर में छलांग लगा दी। लेकिन नहर का पानी काफी गहरा और बहाव बेहद तेज होने के कारण दोनों बच्चे कुछ ही पलों में पानी में ओझल हो गए। मौके पर मौजूद अन्य बच्चे यह मंजर देखकर सहम गए और चीख-पुकार मचाते हुए दौड़कर गांववालों को सूचना देने पहुंचे।
ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान
सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जुट गए और तुरंत बलुआ थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने गोताखोरों को बुलाकर नहर में तलाशी अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद कुछ ही दूरी पर दोनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। घटना की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर किनारे पेड़ों पर बंधे इस तरह के झूले पहले भी खतरे का सबब बनते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
पुलिस जांच और परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सकलडीहा क्षेत्र के डिप्टी एसपी कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि स्कूल से लौटते समय बच्ची झूले से अनियंत्रित होकर नहर में गिरी थी और उसे बचाने के प्रयास में उसका भाई भी डूब गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इलाके में पूरी तरह शांति व्यवस्था बनी हुई है, लेकिन चंदौली नहर हादसे ने एक परिवार को हमेशा के लिए दो मासूम बच्चों से महरूम कर दिया है।