बिहार से जुड़ी फिल्मी दुनिया के लिए 22 सितंबर का दिन खास होने वाला है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राज्य से जुड़े चार फिल्मी व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें अभिनेता संजय मिश्रा, निर्देशक कमलेश कुमार मिश्रा, निर्माता मीनती मिश्रा और फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समारोह में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगी।
इस वर्ष का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जाना है। पुरस्कार वर्ष 2024 में फिल्मों और सिनेमा से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय काम के लिए दिए जा रहे हैं।
संजय मिश्रा को ‘भक्षक’ के लिए सम्मान
बिहार में जन्मे अभिनेता संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार दिया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ उन्हें रजत कमल से सम्मानित किया जाएगा।
संजय मिश्रा लंबे समय से हिंदी सिनेमा में अलग-अलग तरह के किरदार निभाते रहे हैं। उनकी अभिनय शैली को फिल्मों में खास पहचान मिली है। अब राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान से उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है।
‘काकोरी’ के लिए कमलेश और मीनती मिश्रा का चयन
गोपालगंज से जुड़े निर्देशक कमलेश कुमार मिश्रा और निर्माता मीनती मिश्रा को फिल्म ‘काकोरी’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलेगा। दोनों ने इस फिल्म के निर्माण में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।
‘काकोरी’ को ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित फिल्म की श्रेणी में पुरस्कार के लिए चुना गया है। कमलेश कुमार मिश्रा ने फिल्म का निर्देशन किया है, जबकि मीनती मिश्रा इसके निर्माण से जुड़ी रही हैं। इस सम्मान के जरिए बिहार से जुड़े फिल्मकारों की राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी भी सामने आई है।
फिल्म समीक्षा के लिए संजीव श्रीवास्तव को पुरस्कार
मुजफ्फरपुर निवासी संजीव श्रीवास्तव को सिनेमा पर लेखन की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। उन्हें हिंदी भाषा में फिल्म समीक्षा के लिए यह सम्मान मिलेगा।
फिल्म समीक्षक के तौर पर उनका काम सिनेमा से जुड़े लेखन और समीक्षा के क्षेत्र में रहा है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में फिल्म समीक्षकों के लिए भी अलग श्रेणी रखी जाती है, जिसमें सिनेमा पर गंभीर लेखन को सम्मानित किया जाता है।
1954 से दिए जा रहे हैं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। तब से भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों, फिल्मकारों, तकनीशियनों और लेखकों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाता रहा है।
इन पुरस्कारों में फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन सहित कई श्रेणियां शामिल हैं। हर साल पुरस्कारों के जरिए भारतीय फिल्म उद्योग में अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए काम को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दी जाती है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई बड़े नाम
इस साल के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी भारतीय सिनेमा के कई चर्चित नाम शामिल हैं। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म और ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान दिया गया है।
अभिनय की श्रेणी में ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया जाएगा। ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया है।
इस तरह 22 सितंबर को होने वाला समारोह बिहार के लिए भी खास रहेगा, क्योंकि चार अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े फिल्मी नाम राष्ट्रीय मंच पर सम्मान प्राप्त करेंगे।
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