गुजरात(Gujarat) का बहुचर्चित बिलकिस बानो केस(Bilkis Bano Case) एक बार फिर से सुर्खियों में है। वजह है सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा इस केस पर गुजरात सरकार के फैसले को रद्द किया जाना। आपको बता दे की गुजरात हाई कोर्ट द्वारा बिलकिस बानो के आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद पीड़िता सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के फैसले को गलत ठहराते हुए उसे रद्द कर दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार पर काफी कड़ी टिप्पणियां की है ।

Supreme Court ने रद्द किया गुजरात सरकार का फैसला!
सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को छूट देने के गुजरात सरकार के फैसले को सोमवार को रद्द कर दिया। अदालत ने उन्हें रिहा करने के गुजरात के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि दोषियों को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बिना सोचे समझे ऐसा आदेश पारित करने के लिए गुजरात सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, “छूट आदेश में सक्षमता का अभाव है।” अपराधियों को केवल उसी राज्य द्वारा रिहा किया जा सकता है जहां उन पर मुकदमा चलाया जाता है, जो इस मामले में महाराष्ट्र है।
अदालत ने कहा, “गुजरात राज्य द्वारा सत्ता का प्रयोग सत्ता पर कब्ज़ा और सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है। कोर्ट ने इस सवाल पर विचार करते हुए कि क्या दोषियों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जेल वापस जाना चाहिए, फैसला किया कि उन्हें जेल से बाहर रहने की अनुमति देना “अमान्य आदेशों” को मान्य करने के समान होगा। सुनवाई कर रही बेंच ने कहा की, “परिणामों की परवाह किए बिना कानून के शासन को संरक्षित किया जाना चाहिए।”
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क्या है Bilkis Bano Case?
बता दें की 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती ट्रेन जलाए जाने के बाद गुजरात में काफी तनाव का दौर चला। गांव में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा की आशंका से, पांच महीने की गर्भवती बिलकिस बानो अपनी 3 साल की बेटी, पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सुरक्षित स्थान की तलाश में रंधिकपुर गांव स्थित अपने घर से भाग गई। उन्होंने छापरवाड़ जिले में सुरक्षा की मांग की। दुर्भाग्य से, 3 मार्च को, लगभग 20 से 30 व्यक्तियों के एक समूह ने बिलकिस और उसके परिवार पर हमला कर दिया। इन हमलावरों में वे 11 लोग भी शामिल थे जिन्हें बाद में उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था। बिलकिस, उसकी मां और तीन अन्य महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और उन पर हमला किया गया। यहीं नहीं अपराधियों द्वारा बिलकिस बानो की तीन वर्षीय बेटी सहित 7 अन्य परिवारजन की निर्मम हत्या कर दी गई थी।