उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद जिले के तीन प्रमुख जलाशय अपनी पूरी क्षमता से भर चुके हैं। प्रशासन ने ऐहतियातन पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है।
बारिश ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
चंदौली जिले में बीते चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने जिले के जल संसाधन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बरसात के चलते जिले के तीन बड़े जलाशय — लतीफ शाह, चंद्रप्रभा और मूसाखांड — अपनी अधिकतम भंडारण क्षमता को पार कर चुके हैं। पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि बांधों से ओवरफ्लो की स्थिति बन गई है, जिसके चलते जल संसाधन विभाग को तटबंधों की सुरक्षा के मद्देनज़र नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।
लतीफ शाह डैम बना आकर्षण का केंद्र
चकिया क्षेत्र में स्थित लतीफ शाह बांध से इन दिनों करीब सात से आठ फीट ऊंचाई से पानी गिर रहा है। यह नज़ारा इतना आकर्षक बन गया है कि आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने भीड़ को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है, क्योंकि तेज बहाव के बीच जमा होना खतरे से खाली नहीं है।
निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
लतीफ शाह और चंद्रप्रभा बांधों से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी छोटी नदियों के रास्ते नीचे के गांवों और कस्बों की तरफ बढ़ रहा है। इससे तराई और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस साल जलाशयों में पिछले वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक पानी जमा हुआ है, जिससे स्थिति सामान्य से अधिक गंभीर मानी जा रही है।
जिलाधिकारी खुद कर रहे स्थिति की निगरानी
चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने पूरे घटनाक्रम पर व्यक्तिगत रूप से नज़र बनाए रखी है। उनके निर्देश पर आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और संवेदनशील गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन के मुताबिक जलाशयों से एक साथ बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने के बजाय धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है, ताकि नीचे के इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी आपात स्थिति पैदा न हो।
प्रशासन की अपील, सतर्क रहें ग्रामीण
जिला प्रशासन ने नदी किनारे और बांध के आसपास बसे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही बांध क्षेत्र में सेल्फी लेने या करीब जाने से बचने की सलाह भी दी गई है। आपदा प्रबंधन टीमें राहत सामग्री और बचाव उपकरणों के साथ तैयार अवस्था में रखी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।