Delhi Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय युवराज सोनी की भी मौत हो गई। युवराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है।
रक्षाबंधन पर घर आया था युवराज
परिवार के लिए यह सदमा इसलिए भी ज्यादा गहरा है क्योंकि युवराज हाल ही में घर आए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, रक्षाबंधन के मौके पर वह अपने परिवार के साथ समय बिताकर दिल्ली लौटे थे। माता-पिता को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि बेटे के साथ हुई वह मुलाकात उनकी आखिरी मुलाकात बन जाएगी।
युवराज के माता-पिता बेटे को याद कर बार-बार भावुक हो रहे हैं। परिवार के लिए वह सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद थे।
CA बनने का सपना लेकर दिल्ली आया था
युवराज दिल्ली में पढ़ाई कर रहे थे और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने का सपना देख रहे थे। वह मोतीलाल नेहरू कॉलेज से जुड़े थे और अपने करियर को लेकर मेहनत कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से कुछ दिन पहले ही उन्होंने सत्य निकेतन स्थित नए PG में शिफ्ट किया था।
परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवराज एक सफल करियर बनाएंगे और घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाएंगे। लेकिन सत्य निकेतन की घटना ने इन सभी उम्मीदों को अचानक खत्म कर दिया।
हादसे से पहले मां से हुई थी फोन पर बात
युवराज के परिवार के लिए उनकी आखिरी फोन कॉल भी अब बेहद भावुक याद बन गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से एक दिन पहले उन्होंने अपनी मां से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान युवराज ने मां से फोन न रखने की बात कही थी। परिवार के लिए अब यही बातचीत उनकी आखिरी यादों में शामिल है।
एक मां के लिए अपने इकलौते बेटे को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। परिवार का कहना है कि रक्षाबंधन पर घर आया बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा।
सत्य निकेतन हादसे में कई लोगों की मौत
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला PG इमारत गिरने की घटना में कुल सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग घायल हुए। राहत और बचाव अभियान करीब 27 घंटे तक चला था। हादसे के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की और इमारत से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
जांच में इमारत में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन की ओर से इलाके की अन्य जर्जर इमारतों की जांच और कार्रवाई की बात कही गई है।
एक परिवार का भविष्य अधूरा रह गया
युवराज की मौत सिर्फ एक हादसे में हुई मौत नहीं है, बल्कि उस परिवार के लिए जिंदगी भर का खालीपन है, जिसने अपने इकलौते बेटे के लिए बड़े सपने देखे थे। CA बनने की तैयारी कर रहा युवराज अब अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकेगा।
सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में PG और पुरानी इमारतों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जरूरी है कि भवनों की सुरक्षा, निर्माण नियमों और मरम्मत कार्यों की निगरानी को लेकर जिम्मेदार एजेंसियां प्रभावी कदम उठाएं, ताकि किसी दूसरे परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।