दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई दर्दनाक बिल्डिंग दुर्घटना के बाद अब पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। 6 सितंबर को हुई इस घटना में सात लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने राजधानी में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने मामले में पांचवें आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि MCD ने कई इलाकों में असुरक्षित निर्माण के खिलाफ डिमोलिशन अभियान शुरू करने की तैयारी की है।
सत्य निकेतन हादसे में पांचवीं गिरफ्तारी
Satya Niketan Building Collapse मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने लेबर कांट्रेक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से हिरासत में लिया है। पुलिस उसे दिल्ली लाकर पूछताछ कर रही है। इससे पहले पीजी संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी भी हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, हादसे से जुड़ी जांच में यह सामने आया है कि इमारत को अगस्त 2025 से शुभम त्यागी और सुधांशु नाम के दो बिजनेस पार्टनर्स को लीज पर दिया गया था। दोनों मिलकर यहां ‘Hostel Daze’ नाम से PG चला रहे थे। इस मामले में शुभम त्यागी अभी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बिल्डिंग हादसे के बाद MCD का बड़ा अभियान
सत्य निकेतन की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने सिर्फ हादसे वाली इमारत तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। MCD ने राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे PG और असुरक्षित इमारतों का सर्वे शुरू किया है।
निगम के मुताबिक पिछले दो दिनों में दिल्ली के सभी 12 जोन में करीब 1,100 PG संपत्तियों का सर्वे किया गया। इन इमारतों में लगभग 20,250 छात्र रह रहे हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 24 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 27 अन्य संपत्तियों को गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा सात संपत्तियों को सील किया गया और 35 को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं।
इन इलाकों में भी होगी डिमोलिशन कार्रवाई
MCD की टीमें आज मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर और पांडव नगर जैसे छात्र बहुल इलाकों में असुरक्षित और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में हैं। जनकपुरी में भी दोपहर के आसपास बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने की बात सामने आई है।
ये इलाके दिल्ली में छात्रों और PG में रहने वाले युवाओं के लिए प्रमुख माने जाते हैं। ऐसे में MCD की कार्रवाई का असर बड़ी संख्या में किराएदारों और PG संचालकों पर पड़ सकता है।
हादसे वाली इमारत से सटी बिल्डिंग भी गिराई जा रही
सत्य निकेतन में जिस इमारत के गिरने से सात लोगों की जान गई, उसके बिल्कुल पास मौजूद एक अन्य बहुमंजिला इमारत को भी MCD ने खतरनाक घोषित किया है। अब इस बिल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से गिराया जा रहा है।
MCD अधिकारियों के अनुसार, विशेषज्ञों की निगरानी में डिमोलिशन किया जा रहा है। इमारत को अचानक गिरने से रोकने के लिए आसपास लोहे के सपोर्ट लगाए गए हैं और फिलहाल ऊपर की मंजिल से कार्रवाई शुरू की गई है। इस इमारत में पहले लड़कियों का PG चलता था, जिसे हादसे के बाद खाली करा दिया गया था।
दिल्ली के सभी PG की होगी मैपिंग
Satya Niketan Building Collapse के बाद MCD ने दिल्ली के सभी PG की मैपिंग करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन सी संपत्तियां भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं।
खास तौर पर बिना अनुमति बनी पांचवीं मंजिलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। निर्माणाधीन इमारत में अवैध रूप से पांचवीं मंजिल बनाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी, जबकि पहले से बनी मंजिलों का सर्वे कर रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा।
हादसे ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में PG और किराए की बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच के साथ-साथ MCD का सर्वे और डिमोलिशन अभियान भी तेज हो गया है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और इमारतों पर कार्रवाई होने की संभावना है।