दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। यहां उन्होंने हादसे में घायल लोगों और उनके परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया।
रविवार को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे के वक्त इमारत का इस्तेमाल लड़कों के हॉस्टल के तौर पर किया जा रहा था। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें 12 लोगों को बाहर निकाला गया।
हादसे में 7 लोगों की गई जान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, मलबे से निकाले गए 12 लोगों में से सात की मौत हो चुकी थी। मृतकों में दो मजदूर भी शामिल थे। हादसे के बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए AIIMS में भर्ती कराया गया।
सीएम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों की स्थिति जानी और उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने देगी।
CM रेखा गुप्ता ने बताया बच्चों का हाल
AIIMS ट्रॉमा सेंटर में घायलों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती दो बच्चे अब ठीक हैं और उन्हें छुट्टी दिए जाने की उम्मीद है।
वहीं, एक बच्चा ICU में भर्ती है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हादसे में घायल एक मजदूर का इलाज जारी है और उसके पैर में गंभीर चोट आई है।
सीएम ने घायल बच्चों के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता
रेखा गुप्ता ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों और घायलों के परिवारों को आर्थिक मदद भी देगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, वे उनके शव लेकर दिल्ली से जा चुके हैं। सरकार की ओर से उनके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार परिजनों के संपर्क में है।
बगल की इमारत को भी बताया गया असुरक्षित
सत्य निकेतन हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में स्थित एक अन्य भवन को खतरनाक पाया गया है।
सरकार ने उसे असुरक्षित घोषित कर दिया है और उसे गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि एक और हादसे की स्थिति पैदा न हो।
हादसे की वजह की जांच पर नजर
सत्य निकेतन में हुई इस घटना ने पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में कुछ काम चल रहा था, जिसके चलते वहां मौजूद मजदूर भी इसकी चपेट में आ गए थे।
अब प्रशासन की जिम्मेदारी हादसे के कारणों की जांच करने के साथ-साथ आसपास की जर्जर या जोखिम वाली इमारतों की पहचान करना भी है। मुख्यमंत्री के अस्पताल दौरे और आर्थिक मदद के ऐलान के बाद पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।