Delhi News: स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े मामले में सोमवार को दिल्ली की अदालतों में दो अहम घटनाक्रम सामने आए। एक ओर ट्रायल कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, तो दूसरी ओर दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। अदालत की इन कार्रवाइयों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी।
सौरव दास ने इन दोनों घटनाक्रमों को CJP के लिए बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत से राहत नहीं मिलने का जिक्र करते हुए इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
Delhi News: स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत से नहीं मिली राहत
स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में सोमवार का दिन कानूनी तौर पर काफी अहम रहा। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसी दौरान दिल्ली हाई कोर्ट में दायर उनकी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी खारिज कर दी गई।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, स्वतंत्र की गिरफ्तारी एक ऐसे मामले में हुई है, जिसमें एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराएं लगाई गई हैं। अदालत के आदेश के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
यहां यह समझना जरूरी है कि किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज आरोप अपने आप में दोष साबित नहीं करते। मामले में अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
Delhi News: सौरव दास ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
अदालत के फैसलों के बाद CJP नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से राहत नहीं मिलने को संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।
सौरव दास ने अपनी पोस्ट में निशू आजाद को भी टैग किया। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन इस मामले में उनके साथ खड़ा है और आगे भी घटनाक्रम पर नजर रखेगा।
उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है, जब निशू आजाद से जुड़े मामले को लेकर CJP के नेता लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
संसद मार्ग थाने पहुंचे थे CJP नेता
इस मामले को लेकर सौरव दास इससे पहले निशू आजाद और उनके पिता संजय आजाद के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन भी पहुंचे थे। उस दौरान भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के भी उनके साथ मौजूद रहने की बात सामने आई थी।
पुलिस से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
मामले में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद यह विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया।
Delhi News: जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। स्वतंत्र भारद्वाज पर निशू आजाद के पिता संजय आजाद के साथ कथित मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र के कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत के दौरान उन्होंने सिर पर हमला और चोट लगने से संबंधित बातें कही थीं।
इसके बाद पुलिस की ओर से दर्ज मामले में एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़े जाने की जानकारी सामने आई।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।
CJP और सौरव दास क्यों हैं चर्चा में?
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP पिछले कुछ समय से छात्र और युवा मुद्दों को लेकर सक्रिय दिखाई दे रही है। संगठन के सार्वजनिक चेहरों में सौरव दास का नाम भी प्रमुखता से सामने आता रहा है।
इससे पहले संगठन ने NEET समेत कई मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाई थी। जुलाई में NEET विवाद को लेकर CJP से जुड़े प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत की खबर भी सामने आई थी।
वर्तमान मामले में संगठन का ध्यान निशू आजाद से जुड़े विवाद और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पर है।
अब आगे क्या होगा?
स्वतंत्र भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं दिल्ली हाई कोर्ट से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज होने के बाद उनके पक्ष के पास उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस जांच, अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और मामले से जुड़े पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। CJP की ओर से भी इस मुद्दे पर आगे बयान आने की संभावना है।