पौड़ी। जनपद पौड़ी में 36 घंटे से अधिक समय तक लगातार हुई बारिश के बाद हालात अब धीरे-धीरे संभल रहे हैं। बारिश पूरी तरह थम चुकी है, लेकिन इस दौरान कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। राठ क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत डुंगरी तल्ली गांव पहुंचे। रास्ता टूटा होने के कारण उन्हें वहां पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
36 घंटे की बारिश ने फिर दिखाया प्रकृति का रौद्र रूप
पौड़ी जिले में पिछले 36 घंटे से अधिक समय से लगातार बारिश हो रही थी। इस बारिश ने एक बार फिर पहाड़ के लोगों को मुश्किल में डाल दिया। हालांकि अब बारिश पूरी तरह शांत हो गई है, लेकिन इसका असर अब भी कई इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। राठ क्षेत्र में भी बारिश से काफी नुकसान की जानकारी सामने आई है।
कार्यक्रम स्थगित कर आपदा प्रभावित गांव की ओर निकले मंत्री
रविवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पैठाणी में आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद उन्हें अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में जाना था, लेकिन राठ क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान की सूचना मिलने पर उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। इसके बाद वे सीधे आपदा प्रभावित डुंगरी तल्ली गांव की ओर रवाना हुए, ताकि प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर उनकी परेशानियों को जान सकें।
भूस्खलन से टूटी सड़क, पैदल तय किया रास्ता
मंत्री जिस सड़क मार्ग से गांव जाने वाले थे, वहां भारी भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और वाहन से आगे बढ़ना संभव नहीं था। ऐसे हालात में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने वापस लौटने के बजाय पैदल ही आपदाग्रस्त क्षेत्र की ओर जाने का फैसला किया। कठिन और जोखिम भरे रास्ते को पैदल पार कर वे गांव पहुंचे। मंत्री के इस तरह पैदल पहुंचने से ग्रामीणों को भी यह भरोसा मिला कि उनकी परेशानी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
23 प्रभावित परिवारों से मुलाकात, सुनी समस्याएं
डुंगरी तल्ली गांव पहुंचकर डॉ. धन सिंह रावत ने आपदा से प्रभावित 23 परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक परिवार से बात कर उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां खुलकर मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को भी जरूरी निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों तक मदद जल्द से जल्द पहुंच सके।
क्षतिग्रस्त रास्तों और संपर्क मार्गों की समस्या उठाई
बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने सबसे प्रमुख रूप से क्षतिग्रस्त रास्तों और संपर्क मार्गों की समस्या उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि सड़कें और रास्ते टूटने से आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क ही लोगों की जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज की सबसे बड़ी कड़ी होती है। ऐसे में मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंत्री से जल्द से जल्द रास्तों को दुरुस्त कराने की मांग की।
मुआवजा और सहायता का भरोसा
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों के माध्यम से क्षतिग्रस्त मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री के आश्वासन से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिली है। अब ग्रामीणों की नजर इस पर है कि जल्द से जल्द रास्ते खुलें और सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट सके।
रिपोर्टर: पंतरुण, पौड़ी
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