Nepal Tunnel Rescue: नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ के बाद सुरंग में फंसे लोगों को लेकर कई दिनों से जारी चिंता के बीच शुक्रवार को राहत भरी खबर सामने आई। रसुवा इलाके में स्थित त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के अंदर से इंसानी आवाजें सुनाई देने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया। बचाव दल ने अंदर मौजूद लोगों से संपर्क करने की कोशिश की और उन्हें भरोसा दिलाया कि टीम उन्हें बाहर निकालने के लिए पहुंच रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दो लोगों को सुरंग से जिंदा बाहर निकाल लिया गया है।
सुरंग के अंदर से कैसे सुनाई दी आवाज?
Nepal Tunnel Rescue ऑपरेशन के दौरान बचाव दल को सुरंग के भीतर से लोगों के जवाब देने की आवाजें सुनाई दीं। यह खबर सामने आते ही रेस्क्यू टीमों में उम्मीद बढ़ गई। इससे पहले बाढ़ और मलबे के कारण सुरंग तक पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ था।
स्थानीय सांसद श्री राम न्यौपाने के मुताबिक, सुरंग के अंदर से प्रतिक्रिया मिलने के बाद नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें अंदर पहुंचीं और बचाव अभियान तेज किया गया।
रेस्क्यू टीम ने कहा- घबराएं नहीं, हम बचाने आ रहे हैं
सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के दौरान बचाव दल ने उनसे संवाद स्थापित करने की कोशिश की। टीम की ओर से उन्हें घबराने के बजाय शांत रहने का भरोसा दिया गया। कई दिनों से अंधेरे और बेहद मुश्किल परिस्थितियों में फंसे लोगों के लिए यह संपर्क उम्मीद की बड़ी किरण बन गया।
रेस्क्यू टीमों को सुरंग के अंदर पहुंचने के लिए मलबा हटाने और रास्ता साफ करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इससे पहले सुरंग के प्रवेश हिस्से से करीब तीन फीट मलबा हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
नौ दिन बाद जिंदा निकले दो मजदूर
ताजा जानकारी के अनुसार, संजय साह और कबीर महार्जन को सुरंग से जिंदा बाहर निकाला गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक संजय साह को गंभीर चोट नहीं आई, जबकि कबीर महार्जन की हालत में उन्हें चलने में परेशानी बताई गई है।
यह बचाव इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और मलबे के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की कई सुरंगों में मजदूरों के फंसे होने की आशंका बनी हुई थी।
भोटेकोशी बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। बाढ़ और मलबे से सड़कें, पुल, घर और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुईं। कई जगहों पर सुरंगों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया।
रेस्क्यू एजेंसियां लगातार मलबा हटाकर उन स्थानों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थीं, जहां लोगों के फंसे होने की आशंका थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बचाव दलों की मदद ली जा रही है।
अभी भी कई लोगों की तलाश जारी
दो लोगों के जिंदा मिलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन नेपाल में सुरंगों में फंसे अन्य लोगों की तलाश अभी भी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों और बचाव दलों की कोशिश है कि सुरंगों में मौजूद संभावित एयर पॉकेट और सुरक्षित जगहों तक पहुंचकर अधिक से अधिक लोगों को बाहर निकाला जाए।
Nepal Tunnel Rescue ऑपरेशन ने एक बार फिर दिखाया है कि प्राकृतिक आपदा के बाद मुश्किल परिस्थितियों में भी लगातार खोज और बचाव अभियान से जिंदगी बचाने की उम्मीद बनी रहती है।
निष्कर्ष
कई दिनों से चल रहे Nepal Tunnel Rescue अभियान में सुरंग से इंसानी आवाजें सुनाई देना और उसके बाद दो लोगों का जिंदा बाहर निकलना बड़ी राहत की खबर है। हालांकि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित अन्य इलाकों और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश अभी जारी है। बचाव दल मलबा हटाने और सुरक्षित रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं।