मुंबई, 16 अगस्त। बॉलीवुड के तीन बड़े नामों — शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ — की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों एक्टर्स को एक ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा है। विभाग का कहना है कि तीनों एक इलायची ब्रांड के विज्ञापन के ज़रिए राज्य में प्रतिबंधित माने जाने वाले पान मसाला उत्पाद का घुमावदार तरीके से प्रचार कर रहे हैं। एजेंसी ने तीनों से 15 दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है, वरना सीधी कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकती है।
नोटिस में क्या कहा गया है
FDA का यह नोटिस महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे एक वरिष्ठ IAS अधिकारी की अगुवाई में जारी हुआ है। नोटिस में उस पुराने आदेश का हवाला दिया गया है जिसके तहत जनस्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में पान मसाला के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाई गई है। एजेंसी के मुताबिक, तीनों सेलिब्रिटी का इलायची ब्रांड कैंपेन असल में उसी प्रतिबंधित उत्पाद को परोक्ष रूप से बढ़ावा देने का ज़रिया बन रहा है।
नोटिस में तीन मुख्य कानूनों के उल्लंघन का ज़िक्र किया गया है — फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, तंबाकू उत्पाद से जुड़ा केंद्रीय कानून, और केबल टीवी पर विज्ञापन दिखाने से जुड़े नियम। एजेंसी ने साफ कहा है कि जब तक ठोस सबूत नहीं मिलते कि प्रचारित प्रोडक्ट बाज़ार में एक अलग और असली उत्पाद के रूप में मौजूद है, तब तक इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
एक्टर्स से क्या मांगा गया है
नोटिस में तीनों कलाकारों से कहा गया है कि वे तत्काल प्रभाव से इस ब्रांड से जुड़ी हर तरह की एंडोर्समेंट गतिविधि बंद कर दें और अपने सोशल मीडिया व वेबसाइट से जुड़े सभी प्रमोशनल कंटेंट, वीडियो और विज्ञापन हटा लें। इसके अलावा उन्हें अपने कॉन्ट्रैक्ट, कैंपेन से जुड़े दस्तावेज़ और भुगतान संबंधी जानकारी भी विभाग को सौंपनी होगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्होंने विज्ञापन साइन करने से पहले ब्रांड की सत्यता की पड़ताल की थी या नहीं।
अगर जवाब नहीं दिया तो क्या होगा
कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी विज्ञापन में शामिल सेलिब्रिटी की यह ज़िम्मेदारी बनती है कि वह यह साबित करे कि प्रचार करने से पहले उसने पर्याप्त सावधानी बरती थी — यह जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष पर नहीं, बल्कि खुद विज्ञापनकर्ता पर होती है। भोजन सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुसार भ्रामक विज्ञापन में शामिल किसी भी पक्ष पर लाखों रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, वहीं उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत झूठे प्रचार पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना और एक से तीन साल तक विज्ञापन करने पर रोक का प्रावधान भी है।
यानी अगर शाहरुख, अजय और टाइगर तय समयसीमा में जवाब दाखिल नहीं करते, तो उन पर भारी आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ आगामी वर्षों के लिए विज्ञापन करने पर प्रतिबंध भी लग सकता है।
पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि बीते महीने ही फूड सेफ्टी कमिश्नर की ओर से एक अलग आदेश जारी कर राज्य में एक साल के लिए पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाई गई थी। यह नया नोटिस उसी सख्ती की अगली कड़ी माना जा रहा है, जिसमें अब सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को भी दायरे में लाया गया है।
अभी तक शाहरुख खान, अजय देवगन या टाइगर श्रॉफ की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जैसे ही तीनों की टीम या कानूनी प्रतिनिधियों की तरफ से बयान आता है, हम इस खबर को अपडेट करेंगे।
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