UP Fraud: उत्तर प्रदेश में निवेश के नाम पर कथित बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के जरिए ज्यादा रिटर्न का लालच देकर हजारों लोगों से रकम जमा कराने और बाद में भुगतान नहीं करने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ की नोएडा यूनिट और बदायूं पुलिस की संयुक्त टीम ने 7 सितंबर को कार्रवाई करते हुए शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले का असर बदायूं के अलावा बरेली, पीलीभीत और आसपास के इलाकों के निवेशकों पर भी पड़ा है। आजतक की रिपोर्ट में 35 हजार से अधिक निवेशकों और 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित धोखाधड़ी का जिक्र किया गया है।
UP Fraud में कैसे फंसे हजारों निवेशक?

आरोप है कि अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के नाम से निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिया गया। लोगों को कंपनी की योजनाओं में पैसा जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बदायूं में कंपनी का कार्यालय भी संचालित किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, निवेशकों से बड़ी रकम जुटाने के बाद भुगतान को लेकर समस्या शुरू हुई। शिकायतें बढ़ने के साथ कंपनी से जुड़े लोग पुलिस की जांच के दायरे में आए और दोनों मुख्य आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। अकेले बदायूं में करीब 15 हजार निवेशकों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
STF ने ऐसे पकड़े दोनों भाई
शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य बरेली के कटरा चांद खां क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। दोनों के खिलाफ बदायूं कोतवाली में धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ नोएडा यूनिट और बदायूं कोतवाली पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों पर गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक हटने के बाद कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से अप्रैल 2026 में गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद पुलिस के लिए कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
इसके बाद जांच एजेंसियों ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। आखिरकार 7 सितंबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बदायूं और बरेली में कई मुकदमे दर्ज
जांच के दौरान इस मामले से जुड़े कई मुकदमों की जानकारी सामने आई है। बदायूं और बरेली में दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब कंपनी के जरिए जमा की गई रकम, निवेशकों की संख्या और कथित तौर पर पैसों के इस्तेमाल की जांच कर रही है।
दोनों के खिलाफ बदायूं और बरेली में कई मामले दर्ज हैं और गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
निवेशकों के पैसों की रिकवरी पर नजर
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल निवेशकों की रकम की वापसी का है। पुलिस की जांच कथित वित्तीय लेनदेन और पैसों की रिकवरी की दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिलहाल यह मामला उत्तर प्रदेश में सामने आए बड़े निवेश धोखाधड़ी मामलों में चर्चा में है। हालांकि अंतिम रूप से धोखाधड़ी की रकम और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।