उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही बारिश ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं लोग पानी में डूबकर अपनी जान गंवा रहे हैं, तो कहीं बाढ़ का पानी सीधे घरों में घुस चुका है। इसके अलावा कई इलाकों में बिजली का करंट लगने से भी मौतों की खबरें सामने आई हैं, जिसने प्रशासनिक बेइंतजामी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गहरे नालों ने बढ़ाया खतरा
यूपी में बारिश का कहर सिर्फ बाढ़ तक सीमित नहीं है। शहरों में मौजूद गहरे नाले बारिश के पानी से पूरी तरह ढक चुके हैं, जिससे वे राहगीरों के लिए बेहद खतरनाक बन गए हैं। सड़क और नाले के बीच का फर्क मिट जाने की वजह से आने-जाने वाले लोगों की जान को लगातार खतरा बना हुआ है। इस लापरवाही ने आम जनता की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
लखनऊ की सड़कें बनीं मुसीबत
राजधानी लखनऊ में भी बारिश का असर साफ नजर आ रहा है। यहां जगह-जगह बने गड्ढे पानी से लबालब भर चुके हैं, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए यह सड़कें किसी आफत से कम नहीं हैं। दोपहिया वाहन चालकों समेत आम राहगीरों को इन पानी से भरे गड्ढों की वजह से हादसों का डर सता रहा है।
बिजनौर में मासूम की दर्दनाक मौत
यूपी में बारिश का कहर सबसे भयावह रूप में बिजनौर में देखने को मिला, जहां एक 12 साल के बच्चे की दुखद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज बारिश के बीच बच्चे की चप्पल बह गई, जिसे बचाने के लिए वह उसके पीछे-पीछे दौड़ पड़ा। बहते पानी के तेज बहाव में बच्चा करीब 500 मीटर तक बहता चला गया और आखिरकार एक गड्ढे से होते हुए पाइप में जा गिरा, जहां उसकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
उन्नाव में भी बिगड़े हालात
बिजनौर के अलावा उन्नाव जिले में भी बारिश ने भयानक रूप ले लिया है। यहां भी लगातार बारिश की वजह से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और लोगों में डर का माहौल है। यूपी में बारिश का कहर अब सिर्फ एक मौसमी समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलने वाली घटना बनता जा रहा है।
अब आगे क्या?
यूपी में बारिश का कहर जिस तरह लगातार बढ़ रहा है, उसे देखते हुए सवाल उठ रहा है कि आखिर यह सिलसिला कब थमेगा और यह और कितनी जिंदगियां लेकर जाएगा। जानकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को नालों की सफाई, जलभराव की निकासी और बिजली सुरक्षा को लेकर तुरंत पक्के इंतजाम करने चाहिए, ताकि आगे किसी और मासूम की जान न जाए।