गुजरात के अहमदाबाद से एक चौंकाने वाला अहमदाबाद दहेज मामला सामने आया है, जहां थलतेज इलाके में रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने अपने पति के खिलाफ दो दशक से अधिक समय बाद पुलिस थाने का रुख किया। महिला का पति एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है। बोडकदेव पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में महिला ने पति पर दहेज को लेकर लगातार तानों, मानसिक दबाव और शारीरिक हिंसा का गंभीर आरोप लगाया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2005 में उसका विवाह हुआ था, जिसके बाद दंपती करीब ढाई साल तक संयुक्त परिवार में रहा। शुरुआती दौर में पति ध्रांगध्रा के एक स्कूल में अध्यापन कार्य करता था और सप्ताहांत में ही घर आता था। शिकायत के अनुसार, शादी के मात्र दो-तीन महीने के भीतर ही मामूली घरेलू बातों पर कहासुनी शुरू हो गई थी, जो धीरे-धीरे गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई।
बेटी के इलाज से लेकर मकान तक के विवाद
महिला ने बताया कि जब उसकी नवजात बेटी की आंख में तकलीफ हुई, तब पति ने इलाज कराने से इनकार कर दिया, जिसके चलते उसे बेटी को लेकर मायके जाना पड़ा। एक बड़ा विवाद घर खरीदने को लेकर भी हुआ। आरोप है कि पिता से मिली रकम मकान के लिए ली गई थी, लेकिन बाद में वापसी की बात आने पर पति ने इसे दहेज करार देते हुए झगड़ा शुरू कर दिया। दंपती करीब सात वर्षों तक ध्रांगध्रा में रहने के बाद अहमदाबाद के थलतेज इलाके में शिफ्ट हुए, जहां घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई को लेकर तनातनी बनी रही।
23 अगस्त की घटना बनी टर्निंग पॉइंट
शिकायत के मुताबिक, 23 अगस्त को घर में हुए विवाद के दौरान पति ने महिला के साथ मारपीट की, जिसके बाद अगले दिन उसे सिविल अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही मायके वालों ने उसे अपने पास बुला लिया। इसके बाद पीड़िता ने कानूनी कार्रवाई का फैसला करते हुए पुलिस के पास पूरे प्रकरण की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई, जिसमें वर्ष 2023 में बीमारी के दौरान भी मारपीट किए जाने का जिक्र किया गया है।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
महिला की शिकायत पर बोडकदेव पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 115(2) और 296(बी) के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार दंपती के दो बच्चे हैं — एक बेटी जो निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है और एक बेटा जो छठी कक्षा का छात्र है। फिलहाल पीड़िता अपने माता-पिता के साथ वीरमगाम में रह रही है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
दहेज प्रतिषेध कानून के तहत दर्ज मामलों में पुलिस पहले दोनों पक्षों के बयान लेती है और सबूतों की पड़ताल करती है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही आरोपी प्रिंसिपल को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। अहमदाबाद दहेज मामले में अब आगे कोर्ट में क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
पुलिस जांच में क्या हो सकता है आगे
अहमदाबाद दहेज मामला अब पूरी तरह पुलिस जांच के दायरे में आ चुका है। बोडकदेव पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है और शिकायत में लिखे हर आरोप की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही आरोपी प्रिंसिपल पति को थाने बुलाकर औपचारिक पूछताछ की जा सकती है, वहीं पीड़िता के मायके पक्ष के बयान भी सबूत के तौर पर दर्ज किए जाएंगे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दहेज को लेकर उठाए गए विवाद के दौरान 23 अगस्त की घटना में चोटें कितनी गंभीर थीं। अहमदाबाद दहेज मामले में सिविल अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट भी अहम सबूत मानी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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