दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद से एक हैरान करने वाला गाजियाबाद स्विगी फ्रॉड मामला सामने आया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फूड डिलीवरी ऐप स्विगी पर करीब 22.68 लाख रुपये की संदिग्ध ठगी के आरोप में दो रेस्टोरेंट संचालकों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह शिकायत 18 सितंबर को स्विगी की रिस्क मैनेजमेंट टीम के मैनेजर बिस्वजीत चौधरी की ओर से दर्ज कराई गई।
आंतरिक जांच में पकड़ में आया गड़बड़झाला
स्विगी की टीम ने जब ट्रांजेक्शन पैटर्न की भीतरी पड़ताल की, तो राधा की रसोई और श्याम रसोई नाम के दो रेस्टोरेंट से जुड़े कई ऐसे ऑर्डर मिले, जिनकी रकम सामान्य से कहीं ज्यादा थी। राधा की रसोई से सितंबर 2025 से 26 मार्च 2026 के बीच कुल 85 ऑर्डर, यानी लगभग 19.38 लाख रुपये के लेनदेन दर्ज पाए गए। इनमें से करीब 74 प्रतिशत ऑर्डर 10 हजार रुपये से ज्यादा के थे, जबकि 36 ऑर्डर 30 हजार और 17 ऑर्डर 20 हजार रुपये की सीमा पार कर गए थे।
पांच मिनट में पूरी हो गई 76 मिनट की डिलीवरी
इस गाजियाबाद स्विगी फ्रॉड मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू डिलीवरी टाइमिंग का रहा। जिन ऑर्डरों के लिए सामान्यतः 76 मिनट का डिलीवरी समय तय था, वे महज पांच से छह मिनट में ही “पूरे” दिखा दिए गए। खास बात यह भी रही कि इनमें अंतिम डिलीवरी की दूरी अक्सर 500 मीटर से भी कम बताई गई। इसके अलावा कई ग्राहक खातों में एक जैसे डिवाइस पहचान कोड मिलने से शक और गहरा गया। जांच में यह भी सामने आया कि इन ऑर्डरों के भुगतान के लिए कम से कम 52 अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का बार-बार इस्तेमाल किया गया।
रेस्टोरेंट के पते पर निकली फर्नीचर की दुकान
शिकायत के मुताबिक, राधा की रसोई के लिए दर्ज पता वैशाली सेक्टर-3 का एक दुकान नंबर था, लेकिन जब पुलिस और स्विगी टीम ने पड़ताल की तो वहां आस्था फर्नीचर हाउस नाम की दुकान चलती मिली। दिलचस्प बात यह है कि यही पता पहले श्याम रसोई के नाम से भी जुड़ा हुआ था, जिसे स्विगी ने कथित सेल्फ-ऑर्डर गतिविधि के शक में पहले ही बंद कर दिया था।
क्या है पूरा आरोप?
शिकायत में कहा गया है कि रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों ने कई फर्जी या नियंत्रित ग्राहक खाते बनाकर अपने ही रेस्टोरेंट पर ऑर्डर बुक किए। इन ऑर्डरों के भुगतान के लिए कथित तौर पर चोरी या संदिग्ध क्रेडिट कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल किया गया, और भुगतान स्वीकृत होते ही ऑर्डर को बेहद कम समय में डिलीवर दिखा दिया गया। इस तरह पूरा सिस्टम रेस्टोरेंट संचालकों ने एटीएम की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की।
पुलिस जांच में जुटी
गाजियाबाद स्विगी फ्रॉड मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस अब दोनों रेस्टोरेंट संचालकों की भूमिका के साथ-साथ इस्तेमाल किए गए क्रेडिट कार्ड और ग्राहक खातों की पूरी चेन खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
आगे की जांच में पुलिस का फोकस
गाजियाबाद स्विगी फ्रॉड मामले में अब साइबर क्राइम थाना पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। पुलिस टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन-किन 52 क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हुआ, वे असली मालिकों से चोरी हुए थे या किसी और तरीके से हासिल किए गए। इसके साथ ही उन ग्राहक खातों की भी जांच हो रही है, जिनसे बार-बार ऑर्डर बुक किए गए और जिनके डिवाइस आइडेंटिफायर एक जैसे पाए गए। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जल्द ही दोनों रेस्टोरेंट संचालकों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है, ताकि यह साफ हो सके कि यह फर्जीवाड़ा अकेले उनका था या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था।
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