Patna, Bihar: बिहार में तख्तापलट के बाद से सत्ता से विपक्ष में गए पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। सत्ता से बेदखल होने के तुरंत बाद उनपर और उनके परिवार पर पहले ईडी ने शिकंजा कसा और अब एक नया मुद्दा तूल पकड़ रहा है। सरकार बदलते ही सत्ता में आयी भाजपा ने अब तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही अब पूर्व उप-मुख्यमंत्री पर जांच कराने की मांग बढ़ती नज़र आ रही है।
सुशील मोदी ने लगाए गंभीर आरोप!
राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर अपने ट्वीट से विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर ड्राई स्टेट में शराब पीने के लिए जांच की मांग की गई। उन्होंने कहा की “अगर कानून तोड़ने का दोषी पाया जाता है, तो तेजस्वी यादव को भी राज्य के आम नागरिकों पर लगाए गए परिणामों के समान परिणाम भुगतना चाहिए।” आपको बता दें की 2016 से ही बिहार में शराब की खपत, बिक्री और भंडारण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है।
· तेजस्वी पर शराब पीने के आरोप की विस्तृत जांच कराये सरकार – सुशील कुमार मोदी
पटना। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में जब पूर्ण मद्यनिषेध का कानून लागू है, तब पिछली सरकार के समय उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर शराब पीने का आरोप एक गंभीर मामला है। राज्य…
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) February 7, 2024
तेजस्वी यादव को मिला पार्टी का समर्थन!
इसी कड़ी में राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सुशील कुमार को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में लागू की गयी शराबबंदी के लिए तेजस्वी यादव को ही श्रेय दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में शराब की दुकानों की बढ़ोतरी के लिए पिछली एनडीए सरकार को भी दोषी ठहराया। इस बीच,राजद की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने भी सुशील मोदी पर निशाना साधा. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव को सुशील मोदी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करना चाहिए।
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