कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव के साथ पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान उनकी तस्वीर जलाने के आरोप में प्रदेश कांग्रेस महासचिव आशुतोष चटर्जी रविवार को भवानीपुर पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें मामले की जांच के सिलसिले में नोटिस भेजकर बुलाया था।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला सितंबर की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में आयोजित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। उन्होंने दुर्गापूजा और नवरात्रि के दौरान पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन नहीं बनाने और नहीं बेचने की अपील की थी। उनके इस बयान पर बंगाल में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि पश्चिम बंगाल की खान-पान और धार्मिक परंपराएं कई मामलों में उत्तर भारत से अलग मानी जाती हैं। राज्य में मछली और मांस लंबे समय से भोजन संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। इसी वजह से कई लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को स्थानीय परंपराओं में दखल के तौर पर देखा।
कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 8 सितंबर को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के दौरान उनकी तस्वीर जलाने का आरोप कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगा।
पुलिस ने मामले में कांग्रेस नेता अतनु दास को पहले गिरफ्तार किया था। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस महासचिव आशुतोष चटर्जी को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया। रविवार को वह पुलिस के सामने पेश हुए।
बीजेपी में भी बयान को लेकर मतभेद
दिलचस्प बात यह है कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को लेकर बीजेपी के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि किसी व्यक्ति को क्या खाना है, यह तय करने का अधिकार किसी बाबा या राजनीतिक दल के पास नहीं है। उन्होंने बंगाल की अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करने की बात कही।
वहीं, राज्य में दुर्गापूजा के दौरान नॉनवेज भोजन को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी कहा है कि धार्मिक आस्था और खान-पान का चुनाव व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है।
तस्वीर जलाने का मामला बना नया मुद्दा
अब धीरेंद्र शास्त्री के बयान से शुरू हुआ विवाद तस्वीर जलाने के आरोप और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच चुका है। कांग्रेस इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ रही है, जबकि विरोधी दल प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।
बंगाल में दुर्गापूजा नजदीक आने के साथ यह मुद्दा और राजनीतिक रंग ले सकता है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आशुतोष चटर्जी से पूछताछ इसी मामले का हिस्सा है।