लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित न होने पर खूब सियासत हो रही है. बीजेपी लगातार विपक्ष को घेर रही है. बिल गिरने के बाद बिहार से लेकर यूपी तक बीजेपी जनाक्रोश रैली निकाल रही है. इस बिल को लेकर खुद सीएम योगी भी सड़कों पर उतर गए. बीते दिन लखनऊ की सडकों पर सूबे के सीएम योगी महिलाओं के साथ पैदल चलते हुए दिखाई दिए. सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली. बड़ी संख्या में महिलाएं पदयात्रा का हिस्सा बनीं. यह पद यात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानभवन तक निकाली गई. इस यात्रा में सूबे के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और और ब्रजेश पाठक के साथ यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इसमें शामिल हुए.
CM ने विपक्षी दलों को बताया महिला विरोधी
इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी इनका चेहरा अलोकतांत्रिक है. इनके कृत्य महिला विरोधी हैं. पीएम मोदी ने जो विकल्प दिया था अपनी महिला विरोधी छवि को समाप्त करने के लिए उसका उन्होंने नाजायज दुरुपयोग करने का प्रयास किया है. आज देशभर में आधी आबादी कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के आचरण के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन कर रहा है. उन्होंने कहा कि, देश के अंदर केवल चार जाति है, पहली जाति महिला, दूसरी गरीब की, तीसरी युवा की और चौथी किसान की. पीएम मोदी ने सभी नीतियों को इन्हीं चार के अंतर्गत केंद्रित करते हुए देश को आज आर्थिक उन्नति के नए सोपान तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है.
विपक्ष के खिलाफ बोले सीएम योगी
इस दौरान विपक्ष पर हमलावर होते हुए सीएम योगी ने कहा कि, प्रधानमंत्री चाहते थे कि 2029 में ही महिला आरक्षण बिल लागू हो जाए. आज की इस आक्रोश रैली में बहनें आज भागीदार बनी है. जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं चला रही है. उसी तरह डबल इंजन की सरकार में भी चलाया जा रहा है. सीएम ने कहा कि आज बहनों के नेतृत्व में यह विरोध मार्च पूरे देश में, विशेष रूप से आधी आबादी के बीच, कांग्रेस, SP, TMC और DMK की महिला आरक्षण विरोधी नीतियों के खिलाफ गुस्से का प्रतीक बनेगा.
इस बीच महिला आरक्षण के मुद्दे पर योगी सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. इतना तो स्पष्ट है कि, इस सत्र में सरकार अपनी स्थिति तो स्पष्ट करेगी ही, इसके साथ ही विपक्ष पर भी हमलावर होगी. और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को भी मजबूत करने की रणनीति बनाएगी. महिला आरक्षण बिल के प्रावधानों को लेकर विपक्ष ने सरकार की कई खामियां गिनवाई है, लेकिन वहीं अब बीजेपी इस मुद्दे को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी और विपक्ष को संसद से लेकर विधानसभा तक घेरने की तैयारी कर रही है.