Jewar Airport को लेकर बड़ी अपडेट सामने आयी है। ये अपडेट है एयरपोर्ट के कमर्शियल संचालन से जुड़ी। 15 दिसंबर को जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मुआयना किया गया है। ये इंस्पेक्शन प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा द्वारा किया गया। इसके बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की साइट पर ही जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमिटी की पांचवीं बैठक की गयी। इस बैठक में मुख्य सचिव ने कार्यगति को बढ़ाने के दिशा निर्देश दिए। साथ ही एयरपोर्ट के कमर्शियल संचालन के समय की घोषणा भी की गयी है।
मुख्य सचिव ने किया Jewar Airport का इंस्पेक्शन!
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने शुक्रवार को नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा डेवलपर्स को महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण को सितंबर 2024 तक समय पर पूरा करने के लिए कहा। गौतम बौद्ध नगर जिले के दौरे पर आए मुख्य सचिव ने एक प्रमुख इंटरचेंज रोड की आधारशिला भी रखी, जो नोएडा हवाई अड्डे के पास यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जंक्शन पर बनेगी। बताते चलें की इस इंटरचेंज पर 122 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही गाजियाबाद, मेरठ और सहारनपुर से हवाई अड्डे तक पहुंचने वाले यात्रियों के अलावा आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और हाथरस से मेरठ और गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा।

मुख्य सचिव ने जेवर में हवाईअड्डा स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन, सीओओ किरण जैन, गौतम बौद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सीईओ अरुण वीर सिंह, ओएसडी शैलेन्द्र भाटिया सहित अन्य लोगों के साथ बैठक की। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ एक इंटरचेंज की आधारशिला भी रखी। इस आधारशिला में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जंक्शन पर चार लूप, चार रैंप और चार अतिरिक्त रैंप का निर्माण शामिल होगा।
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NIAL ने नवंबर में की थी ऑनलाइन समीक्षा!
हवाईअड्डे के विकास को विनियमित और निगरानी करने के लिए गठित उत्तर प्रदेश सरकार की संस्था एनआईएएल ने पिछले महीने एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सूचित किया था कि रनवे और एटीसी टावर दिसंबर, 2023 के अंत में हवाईअड्डा प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा। साथ ही फरवरी, 2024 के अंत तक परीक्षण उड़ानें शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

एनआईएएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण वीर सिंह ने कहा था की “हमने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सूचित कर दिया है कि परियोजना पर काम तेजी से किया जाएगा और इसे निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा किया जाएगा। हमने साइट पर चल रहे काम के बारे में एक प्रस्तुति दी और मंत्रालय के अधिकारी परियोजना की प्रगति से संतुष्ट थे। हमने अधिकारियों को यह भी सूचित किया कि हम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे सहित अन्य महत्वपूर्ण लिंक और परिवहन के साधनों से नोएडा हवाई अड्डे को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं।”