पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के बाद अब दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। अमित शाह ने टीएमसी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए एक बयान दिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पहले चरण में “दीदी के गुंडे” घर से बाहर नहीं निकले, और दूसरे चरण में भी उन्हें बाहर नहीं आना चाहिए, वरना “उल्टा लटका कर सीधा कर दिया जाएगा।”
अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया
इस बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुंडे सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही हैं? क्या उत्तर प्रदेश में गुंडे नहीं हैं, जो खुलेआम घूम रहे हैं और सत्ता की कुर्सियों पर बैठे हैं? उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भी सख्त सजा मिलनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार में अलोकतांत्रिक लोग हैं और सपा कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को जनता के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है और सपा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक यह लड़ाई संविधान को बचाने की है। पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी की ऐतिहासिक जीत होगी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जहां बंगाल में लगभग 3 लाख सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में 6 लाख फोर्स की बात की जा रही है, जो एक चुनौती है। इसके बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इसका जवाब देगी।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक बयान पर तंज कसते हुए कहा कि संबंधित लोगों को “नोबेल पुरस्कार” मिलना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी वोट बैंक की राजनीति कर रही है और आरक्षण जैसे मुद्दों का इस्तेमाल कर रही है। अखिलेश यादव ने बीजेपी पर भू-माफिया की तरह काम करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जहां भी कोई योजना आती है, वहां पहले जमीन कब्जाने की साजिश रची जाती है। उन्होंने कानून-व्यवस्था और बढ़ती घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा और मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा।