समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में भाजपा पर जमकर हमला बोला. अखिलेश ने भाजपा पर भू-माफिया की तरह काम करने का आरोप लगाया और कहा कि, जहां भी कोई योजना प्रस्तावित होती है, भाजपा सदस्य मिलकर सबसे पहले जमीन हथियाने की साजिश रचते हैं. इस दौरान अखिलेश ने हत्याओं को लेकर भी बीजेपी को जमकर घेरा. इसके साथ ही सीएम योगी को लेकर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया. UP के पूर्व सीएम ने दावा किया है कि जिन महिलाओं को पदयात्रा में बुलाया गया उन्हें पता ही नहीं था कि किस लिए बुलाया गया है. उन्हें जबरदस्ती बुलाया गया था. राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय पर अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में कहा कि महिलाओं को बुलाकर उन्हें सड़ा खाना खिलाया गया.
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि लखनऊ आईं महिलाएं खोज रहीं थीं कि उन्हें आवास कौन देगा. अखिलेश ने गाजीपुर और हाथरस प्रकरण का जिक्र करते हुए सूबे की सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, हाथरस मामले में पीड़िता की अंतिम इच्छा तक पूरी नहीं होने दी गई, जबकि उन्होंने खुद डीएम से इस बारे में बात की थी. उन्होंने कहा कि सरकार को किसी से कोई लेना-देना नहीं है और मीडिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई चैनलों को पिछले 10 साल में भारी फंडिंग मिली. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और बब्बर शेर की छवि को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
इससे पहले कन्नौज सांसद ने पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को उनके जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका समाज के प्रति योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरे जीवन का आकलन करें तो अज़ीज़ कुरैशी गंगा-जमुनी तहज़ीब के बड़े पुरोधा रहे और भारतीयता व हिंदुस्तानियत को आगे बढ़ाने का काम किया. अखिलेश यादव ने उनके व्यक्तित्व को सिद्धांतवादी बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सेक्युलर फैब्रिक को मजबूत किया और बड़े फैसले लेने से कभी पीछे नहीं हटे, जैसे लखनऊ आने के बाद रामपुर में बनी यूनिवर्सिटी का एक्ट पास कराना.