कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर बवाल अभी थमा भी नहीं था कि, इस बीच चुनाव आयोग ने खरगे को नोटिस भेज दिया. वहीं कांग्रेस पर हमला बोलते भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि, खरगे जी ने जो पीएम मोदी के लिए आतंकवादी शब्द का उपयोग किया.
उन्होंने कहा कि, उसके बाद ये लोग डायवर्जन कार्ड और विक्टिम कार्ड खेलने में लग गए और इसलिए ये लोग कहने में लग गए कि हमने आतंकवादी कहा ही नहीं है. जबकि इसका वीडियो सबने देख लिया है, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वे चुनाव आयोग को कहते हैं, कि उन्होंने सिर्फ 24 घंटे दिए, आपने उसको नोटिस नहीं दिया. ये दिखता है कि कांग्रेस बचाव कर रही है और खरगे जी ने ये बयान राहुल गांधी के इशारे पर दिया है. ये कांग्रेस की मानसिकता है उनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए.
खरगे ने क्या कहा?
दरअसल, चेंन्नई में केसी वेणुगोपाल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने AIADMK के बीजेपी के साथ गठबंधन की आलोचना करते हुए प्रधानंमत्री को आतंकवादी कह दिया था. अपने बयान में खरगे ने कहा कि, ये लोग मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं. वो एक आतंकवादी हैं. वो समानता में विश्वास नहीं करते.
उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती और इन लोगों का उनके साथ जुड़ना, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं… लेकिन जब उनकी इसी टिप्पणी को लेकर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, उनका मतलब था कि, प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को डरा-धमका रहे हैं.