केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के पुरसुराह में जनसभा की है। इस दौरान चुनाव में हिंसा के डर पर अमित शाह ने कहा कि, कुछ लोगों ने उन्हें बताया है कि वे वोट तो देना चाहते हैं, लेकिन गुंडों से डरते हैं। इस पर शाह ने जनता से कहा कि आप बिल्कुल मत डरिए। उन्होंने टीएमसी के गुंडों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि 29 तारीख को वे अपने घरों से बाहर न निकलें, वरना 5 तारीख के बाद सबको सीधा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकारों को सिंडिकेट के हवाले करने वाला यह ‘जंगल राज’ 4 मई को खत्म होने जा रहा है।
‘पहले चरण में बहुत शांति से मतदान’
उन्होंने कहा कि पहले चरण में बहुत शांति से मतदान हुआ है और किसी भी गुंडे की हिम्मत नहीं हुई कि वह मतदाताओं को उंगली भी लगा सके। उन्होंने बताया कि शाम साढ़े चार बजे तक 80 प्रतिशत से ज्यादा बंपर वोटिंग हो चुकी थी। भारी मतदान की तरफ इशारा करते हुए अमित शाह ने यह दावा किया है कि पहले चरण के चुनाव में ही दीदी का पूरी तरह से सूपड़ा साफ होने वाला है।
उन्होंने राज्य की मौजूदा तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो एक-एक घुसपैठिए को बंगाल से बाहर निकाल दिया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि आज बंगाल के हर कोने में टीएमसी सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है। जनता अब इस सरकार से पूरी तरह परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है।
अमित शाह ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ यह गुस्सा आने वाले चुनाव के नतीजों में साफ दिखाई देगा और जनता सिर्फ कमल खिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि यहां से घुसपैठियों को बाहर निकालना बहुत जरूरी है। शाह ने आरोप लगाया कि जब मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाए जाते हैं, तो दीदी को बहुत तकलीफ होती है। उन्होंने जनता से अपील की कि 5 तारीख को भाजपा की सरकार बना दें। सरकार बनते ही पूरे बंगाल से चुन-चुन कर एक-एक घुसपैठिये को बाहर निकाल दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में आलू उगाने वाले किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने आलू के निर्यात पर भी रोक लगा दी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और सरकार पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। भाजपा की सरकार बनने पर वह आलू किसानों का पूरा साथ देगी और उनके आलू के निर्यात में हर संभव मदद करेगी।