लखनऊ: 2024 लोकसभा चुनाव (2024 Loksabha ) अब महज़ 4-5 महीनों की दूरी पर है। ऐसे में तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियों के लिए कमर कस ली है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बड़ी घोषणा कर दी है। मायावती ने अपने बाद बसपा के उत्तराधिकारी का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल में सुगबुगाहट बढ़ गयी है।
मायावती ने किया अपने उत्तराधिकारी का ऐलान!
लोकसभा चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए बसपा सुप्रीमो ने अपने बाद पार्टी के उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कर दिया है। ये नाम किसी और का नहीं बल्कि मायावती के भतीजे आकाश आनंद का है। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के हाथों में पार्टी की बागडोर सौंप दी है। आकाश आनंद के नाम की घोषणा के बाद अब उत्तर प्रदेश और खासकर बसपा में सियासी हलचल काफी बढ़ गयी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के इस फैसले के बाद अब उनपर कही तरह के सवाल खड़े किये जा रहे हैं। जिनमे से मुख्यतः आरोप है परिवारवाद का। राजनीति में परिवारवाद का चलन काफी पुराना है। तमाम राजनीतिक दलों में परिवारवाद के उदहारण मौजूद है। यहाँ तक भी भाजपा भी इस परिवारवाद के तमगे से अछूती नहीं है। बात करें उत्तर प्रदेश में, तो यहाँ परिवारवाद का स्पष्ट उदाहरण है समाजवादी पार्टी। अब इस लिस्ट में मायावती की बसपा भी शामिल हो गयी है।

भतीजे के भरोसे 2024 Loksabha चुनाव !
बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित करने के साथ ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में पार्टी को मजबूत करने का जिम्मा सौंपा है। गत विधानसभा चुनाव में बसपा कई सीटें जीत चुकी हैं। लेकिन इस साल पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में हुए चुनावों में बसपा को सफलता नहीं मिली। शायद यही वजह रही होगी की मायावती अब अपने भतीजे पर भरोसा दिखा रही हैं। मायावती ने लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए ये बड़ा कदम उठाया है। हालाँकि अब आकाश आनंद की आगे की राह आसान नहीं होगी। युवा वोटरों को पार्टी के साथ जोड़ने के साथ आकाश के सामने पार्टी के बड़े नेताओं को संगठित रखने की चुनौती है। ये तो जाहिर है की विधान परिषद और विधानसभा में मात्र एक-एक सदस्य के साथ मायावती के सामे पार्टी को टिकाये रखने की बड़ी चुनौती है।
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2024 Loksabha चुनाव से पहले सवालों में घिरीं मायावती!
अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर मायावती परिवारवाद के सवालों से घिर गयी है। मायावती के ऐलान पर भाजपा ने काफी कटाक्ष किया है। बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने, ‘कहा कि बहुजन समाज पार्टी जो मान्यवर कांशीराम ने एक मिशन के रूप में शुरू की थी। वो कमीशन में बदली और अब पूरी तरह से परिवारवाद में डूब गई और यहीं कारण भी है कि बहुजन समाज पार्टी की हालत लगातार खस्ता हुई है। पार्टी के संस्थापक सदस्य एक-एक करके पार्टी को छोड़कर चले गए और आज बहुजन समाज पार्टी ने जिस तरह से उत्तराधिकारी घोषित किया है, स्पष्ट है कि बसपा अब पूरी तरह से समाप्त होने वाली है।’
"मान्यवर काशीराम जी ने जब इस पार्टी की नींव 14 अप्रैल 1984 को रखी थी तो उन्होंने फैसला किया था कि यदि मुझे निस्वार्थ भाव से राजनीति में कुछ करना है तो अपने परिवार और रिश्ते-नातों को राजनीति से दूर रखना होगा। इसी प्रकार मैंने भी मान्यवर कांशीराम जी के जीवन से प्रेरणा लेकर यह फैसला… pic.twitter.com/X6tWWvN35N
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) December 11, 2023
भीम आर्मी चीफ ने पुरानी वीडियो दिखा कसा तंज!
मायावती के फैसले पर तमाम राजनीतिक दलों ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद मायवती का एक पुराना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में मायावती कहती है “मान्यवर काशीराम जी ने जब इस पार्टी की नींव 14 अप्रैल 1984 को रखी थी तो उन्होंने फैसला किया था कि यदि मुझे निस्वार्थ भाव से राजनीति में कुछ करना है तो अपने परिवार और रिश्ते-नातों को राजनीति से दूर रखना होगा। इसी प्रकार मैंने भी मान्यवर कांशीराम जी के जीवन से प्रेरणा लेकर यह फैसला लिया कि जब तक मैं जिंदा रहूंगी और राजनीति करती रहूंगी तब तक मैं अपने रिश्ते-नातों, भाई-बहनों को राजनीति से दूर रखूंगी।” हालांकि अपने ऊपर हो रहे प्रहार पर मायावती ने कोई रिएक्शन नहीं दिया है। अब देखना ये होगा की मायावती अपने विरोधियों को क्या जवाब देती हैं।