बिहार की सियासत इन दिनों पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के द्वारा दिए गए बयान को लेकर गरमाई हुई है. पप्पू यादव द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है…. पप्पू यादव अपने बयान पर अड़े हुए हैं… दरअसल, पप्पू यादव ने हाल ही में एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा कि, महिलाओं की राजनीति में एंट्री बिना समझौते के आसान नहीं होती. इस बयान को लेकर विरोध शुरू हुआ, लेकिन बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने साफ कर दिया कि, वे अपने शब्दों से पीछे नहीं हटेंगे. पप्पू यादव ने आगे कहा कि, उन्होंने वही कहा जो समाज में हो रहा है और यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं को देवी का दर्जा तो दिया गया.. .लेकिन असल सम्मान आज भी नहीं मिला है और उनके साथ शोषण जारी है.
पप्पू यादव के बयान के बाद राजनीतिक हलको में हलचल तेज होने लगी. बयान के बाद महिला आयोग द्वारा पप्पू यादव को नेटिस भेजा गया. भेजे गए नोटिस पर भी पप्पू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने उस नोटिस को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है. उनके इस बयान ने विवाद को और तेज कर दिया है और चारों तरफ से पप्पू यादव के बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है. इस बयान पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने पप्पू यादव ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पप्पू यादव पागल हो गया है. जब सांसद 90 प्रतिशत महिलाओं पर इस तरह का आरोप लगा रहे हैं, तो उन्हें पहले अपने घर से जवाब लेना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि वे बताएं कि पहले उनकी पत्नी कहां है. दूसरी महिलाओं पर आरोप लगाने से पहले पप्पू यादव अपनी पत्नी से तो पूछे कि वह कैसे राजनीति में गई थी.
पप्पू यादव ने अपने बयान में दावा किया था कि, देश की राजनीति में महिलाओं के लिए बिना किसी समझौते के आगे बढ़ना लगभग असंभव बना दिया गया है और उनकी सुरक्षा को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. पप्पू यादव ने आगे कहा कि भले ही भारतीय समाज में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है. खैर इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है.