तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर थम गया है. चुनाव प्रचार थमने के बाद किसी भी तरह की सार्वजनिक रैलियों और राजनीतिक प्रचार अब उम्मीदवार नहीं कर सकेंगे. दोनों ही राज्यों में सभी उम्मीदवार अपना दम-खम दिखाने को तैयार हैं. सबसे पहले बात करें तमिलनाडु की तो राज्य में 234 सीटों पर मतदान 23 अपैल को होगा. यहां एक ही चरण में सभी सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. जिसको लेकर सभी दलों ने कमर कस ली है.
कितने मतदाता डालेंगे वोट?
बता दें कि, इस चुनाव में कुल 5.73 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे. इस बार राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं राज्य के चर्चित अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके पर इस बार सबकी निगाहें टिकी हैं. टीवीके को राज्य की कई सीटों पर काफी समर्थन मिल रहा है.
वहीं अगर बात करें बंगाल की तो यहां दो चरण में मतदान होने हैं. पहले चरण के मतदान 23 अप्रैल को होने हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा जिसको लेकर सभी उम्मीदवार मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं. राज्य में पहले चरण में कुल 1,478 प्रत्याशी मैदान में उतरें हैं. तो वहीं करीबन तीन करोड़ 60 लाख 77 हजार 171 मतदाता अपने मत का उपयोग करेंगे. इन मतदाताओं में एक करोड़ 75 लाख 77 हजार 210 महिलाएं हैं.
इस बार चुनावी प्रचार में महिलाओं से जुड़ा मुद्दा प्रमुखताओं से सभी पार्टियों ने उठाया है… बात करें बीजेपी की तो यहां बीजेपी ने बांगलादेशी घुसपैठियों का मुद्दा जोरो-शोरों से उठाया है. इस मुद्दे पर बीजेपी लगातार टीएमसी को घेरते हुए नजर आई. असम के सीएम हिमंता बिस्वा ने बयान देते हुए यह तक कह दिया कि अगर वे सत्ता में आएंगे तो बांगलादेशी मुसलमानों को लात मारकर भगाउंगा. हालांकि, 4 मई को सभी चुनावी राज्यों की काउंटिंग की जाएगी. 4 मई के दिन ही उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा. उसी दिन यह पता चलेगा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की जनता से किसे चुना है.