केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के मंच से विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में दिए गए इस भाषण में शाह ने कहा कि साल 2014 से पहले देश की राजनीति भ्रष्टाचार, जातिगत भेदभाव और परिवारवाद की गिरफ्त में जकड़ी हुई थी। उनके मुताबिक बीते एक दशक में सरकार ने इन तीनों मुद्दों से हटकर काम और नतीजों पर आधारित राजनीति की दिशा पकड़ी है।
विदेश नीति को लेकर क्या कहा शाह ने
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने भारत की कूटनीतिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि बीते 12 सालों में पहली दफा आम जनता ने देश की एक दमदार और स्पष्ट विदेश नीति को अनुभव किया है। शाह के अनुसार चाहे सुरक्षा से जुड़े फैसले हों या कूटनीतिक रिश्ते, हर जगह “राष्ट्र सर्वप्रथम” की सोच केंद्र में रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले एक दशक में वैश्विक मंच पर भारत की साख काफी मजबूत हुई है और अब अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारतीय नेतृत्व की राय को गंभीरता से लिया जाता है।
गृह मंत्री ने यह भी बताया कि दुनिया के कई देशों में भारतीय पासपोर्ट रखने वालों को पहले से कहीं अधिक सम्मान मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक कद का जिक्र करते हुए बताया कि सर्वे के अनुसार उनकी लोकप्रियता रेटिंग करीब 68 फीसदी है, और 36 देशों ने उन्हें अपने शीर्ष नागरिक सम्मानों से नवाजा है।
अर्थव्यवस्था और भाषाई नीति पर भी बोले शाह
आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत एक समय “कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं” में गिना जाता था, लेकिन अब वह दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो चुका है। उन्होंने हाल की तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का हवाला देते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारतीय भाषाओं को उनका उचित सम्मान और मान्यता मिलनी शुरू हुई है।
नक्सलवाद और पूर्वोत्तर पर टिप्पणी
भाषण के अंत में शाह ने आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी रोशनी डाली। उनके अनुसार अनुच्छेद 370 को हटाना, नक्सलवाद पर नियंत्रण और पूर्वोत्तर राज्यों में शांति स्थापित करना – ये तीनों ऐसी समस्याएं थीं जो करीब पांच दशकों से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई थीं। शाह का दावा है कि इन तीनों मोर्चों पर मिली सफलता ने दुनिया को भारत की क्षमता का लोहा मनवाया है।
इस कार्यक्रम के जरिए गृह मंत्री ने साफ संकेत दिया कि आगामी चुनावी माहौल में सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता के बीच प्रमुखता से रखेगी।
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