Delhi Bus Gangrape Case को लेकर दिल्ली और गौतमबुद्धनगर पुलिस के बीच सामने आए अलग-अलग बयानों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। 16 साल की छात्रा ने स्लीपर बस में कथित गैंगरेप का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। वहीं, नोएडा पुलिस का कहना है कि उसे घटना के संबंध में पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी और उपलब्ध साक्ष्यों तथा सामने आए घटनाक्रम के बीच कुछ विरोधाभास नजर आ रहे हैं।
Delhi Bus Gangrape Case में क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक घटना 4 अगस्त की रात की है। पुलिस को देर रात मामले की जानकारी मिली, जिसके बाद पीड़िता की शिकायत के आधार पर 5 अगस्त को FIR दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू की गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने कथित घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी अपने कब्जे में लिया। बस की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि मामले से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जा सके।
परी चौक से बस में बैठने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा अपने घर से नाराज होकर निकली थी और नोएडा में रहने वाले रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के दौरान वह परी चौक के पास पहुंची।
आरोप है कि इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां से गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। पुलिस के अनुसार ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा के सेक्टर-63 तक छोड़ने की बात कहकर बस में बैठाया।
इसके बाद छात्रा ने दोनों पर बस के अंदर उसके साथ यौन हिंसा करने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक देर रात उसे कश्मीरी गेट इलाके के पास उतार दिया गया, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
दिल्ली पुलिस के अनुसार मामले में ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को तिमारपुर इलाके की एक बस पार्किंग से पकड़े जाने की बात कही गई है।
पुलिस के मुताबिक बस में खराबी आने के बाद उसे एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले जाया गया था। मरम्मत के बाद बस को खाली हालत में तिमारपुर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान परी चौक के पास छात्रा के बस में सवार होने की बात सामने आई है।
Noida Police ने क्यों उठाए सवाल?
मामले में नया मोड़ तब आया जब गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अपने बयान में कहा कि कथित घटना जिस इलाके से जुड़ी बताई जा रही है, उसके बारे में दिल्ली पुलिस ने पहले नोएडा पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी।
नोएडा पुलिस के मुताबिक पीड़ित पक्ष की ओर से भी घटना को लेकर स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं किया गया। इसके अलावा पुलिस ने उपलब्ध प्रमाणिक साक्ष्यों और सामने आए वर्जन के बीच कुछ विरोधाभास होने की बात कही है।
अब जांच में किन सवालों के जवाब जरूरी?
Delhi Bus Gangrape Case में अब सबसे अहम सवाल घटना की वास्तविक लोकेशन, बस की आवाजाही और उपलब्ध साक्ष्यों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच और गिरफ्तारियों के बारे में जानकारी दी है, जबकि नोएडा पुलिस ने घटनाक्रम को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं।
फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों के बीच सामने आए अंतर को जांच के जरिए स्पष्ट किया जाना बाकी है। मामले में बस की फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि घटना का पूरा घटनाक्रम क्या था और दोनों पुलिस बलों के बयानों में अंतर की वजह क्या है।