अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल Jitendra Mishra को ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया है। जिम्मेदारी मिलने के बाद जितेंद्र मिश्र भावुक नजर आए। उन्होंने चयन समिति, ट्रस्ट और भगवान श्रीराम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।
Jitendra Mishra ने क्या कहा?
CEO की जिम्मेदारी मिलने के बाद Jitendra Mishra ने अपने पहले बयान में कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक क्षण है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चयन समिति और ट्रस्ट का आभार जताया। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि राम मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए वह आगे की जिम्मेदारियों को निभाएंगे।
उनका कहना है कि अतीत और इतिहास से सीखना जरूरी है। इसी सीख को साथ लेकर वह नई जिम्मेदारी में आगे बढ़ेंगे। राम मंदिर जैसी महत्वपूर्ण संस्था के प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका यह बयान खासा चर्चा में है।
पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्णकालिक CEO
Jitendra Mishra की नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO होंगे। CEO के तौर पर उनके जिम्मे मंदिर से जुड़े प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
ट्रस्ट की ओर से यह नियुक्ति ऐसे समय की गई है जब अयोध्या में राम मंदिर परिसर का विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर से भी जुड़ा है नाम
Jitendra Mishra का करियर भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक लंबा रहा है। उन्हें दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था। उन्होंने 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया और कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां संभालीं।
जनवरी 2025 में उन्होंने भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला था। इसी दौरान मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के समय भी वह वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। अप्रैल 2026 में वह वायुसेना से रिटायर हुए।
अब राम मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे
वायुसेना में अनुशासन और बड़े स्तर पर ऑपरेशन मैनेजमेंट का अनुभव रखने वाले Jitendra Mishra के सामने अब एक अलग तरह की चुनौती है। उन्हें राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से संभालने के साथ-साथ वित्तीय और कानूनी मामलों की निगरानी भी करनी होगी।
राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा, वित्तीय व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू करना CEO की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
5,500 से ज्यादा आवेदनों के बाद हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। रिपोर्टों के मुताबिक इस पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद चयन प्रक्रिया के जरिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया और अंत में जितेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगी।
इस तरह भारतीय वायुसेना के लंबे अनुभव के बाद Jitendra Mishra अब अयोध्या राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका भावुक बयान और सैन्य पृष्ठभूमि इस नियुक्ति को और खास बना रही है।