Supreme Court of India: आमतौर पर देखा जाता है कि कोर्ट रूम में वकील अपने क्लाइंट को लेकर काफी इमोशनल हो जाते हैं और कई बार विरोधी पक्ष से उल्टे सीधे सवाल भी कर देते हैं। पर यहां तो मामला बिल्कुल उल्टा ही निकला वकील वीरेंद्र सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ आरोप लगाने और बेबुनियाद आरोपी को अनायास दोहराने के लिए कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की जेल की सजा और ₹2000 का जुर्माना की सजा सुनाई थी इसके बाद वकील साहब को जेल भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट से लगाई माफी की गुहार!
तीन दिन जेल में रहने के बाद वकील साहब को समझ में आया कि उनसे कितनी बड़ी गलती हो गई है इसके बाद वकील साहब ने वरिष्ठ वकील विभा दत्ता मखीजा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में दया की गुहार लगाई । इसके बाद चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ को वकील विभा दत्ता कि दोषी वकील वीरेंद्र सिंह वास्तव में बहुत खेत महसूस कर रहे हैं और बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि वह मौखिक माफी मानने को तैयार नहीं है ।

Supreme Court बेंच ने दिया अनोखा फैसला !
चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ता की अनुरोध पर विचार करने से पहले हम याचिकाकर्ता को अनुमति देते हैं यदि वह इच्छुक है तो वह हाई कोर्ट एवं जिला जज कोर्ट के जजों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से हलफनामे पर बिना शर्त माफी मांग सकता है जिनके खिलाफ उन्होंने आरोप लगाए थे उसी के बाद यह पीठ उनकी माफी याचिका पर कोई निर्णय देगी । इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह 16 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे तक याचिकाकर्ता को संबंधित जजों के समक्ष ले जाने की व्यवस्था करें इसके बाद 3:00 बजे के बाद यह पीठ इस पर कोई निर्णय लेगी। उपरोक्त निर्देशों के अनुपालन में आदेश के अनुसरण से माफी दायर की जानी है।
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