उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गौमाता को कटने नहीं देंगे, हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे. वाले बयान ने पश्चिम बंगाल में खूब सुर्खियां बटोरी. वहीं इस बीच उन्होंने एक और ऐसा बयान दे दिया है जिसने हलचल मचा दी है. दरअसल, गोरखपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन के दौरान सीएम योगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि, जो लोग गाय का मांस खाते हैं, क्या वे सूअर का दूध पीते हैं? सीएम ने आगे कहा कि, चाहे कोई गाय को माने या न माने, लेकिन दूध उसी का पिया जाता है. जैसे हर शिशु अपनी मां का ही दूध पीता है, वैसे ही गाय का महत्व भी स्वाभाविक है.
भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को हमेशा सर्वोच्च स्थान
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है. भगवान राम को कौशल्यानंदन, श्रीकृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय और अर्जुन को कौंतेय कहकर पुकारा जाता है. जो माताओं के सम्मान को दर्शाता है. सीएम ने कहा कि, श्रीराम में श्री माता सीता का प्रतीक है. वहीं, मथुरा-वृंदावन की भूमि पर हर अभिवादन राधे-राधे से शुरू होता है और काशी में नमः पार्वती पतये’ का उच्चारण किया जाता है, जो भारतीय परंपरा में स्त्री के गौरव और उसकी केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है.
सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल में जो बयान दिया था उस बयान ने खूब सुर्खियां बटोरी. सीएम योगी ने गोरखपुर में सुअर का दूध पीने की बात कर मामले को गरमा दिया है. कहा जा रहा है कि, बीजेपी बंगाल के बाद यूपी में गौमाता का मुद्दा गरमाने की तैयारी में है.